फिरोजाबाद। शिशु मृत्यु दर को प्रभावी अंकुश के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नियमित टीकाकरण अभियान में निमोनिया से बचाने वाली निमोकोकल वैक्सीन को शामिल कर लिया है। टीकाकरण कार्यक्रम में 12 बीमारियों से बचाने के लिए कुल 11 वैक्सीन लगाई जाएंगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य स्तर पर सहमति बन गई है। आठ अगस्त से टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी जाएगी।
इसमें निमोनिया से बचने के लिए निमोकोकल वैक्सीन का प्रयोग भी किया जाएगा। सभी ब्लाकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संचालित कर टीकाकरण के लिए मानव संसाधन को मजबूत किया जाना है। उन्होंने बताया कि मौत की सबसे बड़ी वजह डायरिया और निमोनिया है। डायरिया को रोकने के लिए रोटा वायरस की वैक्सीन टीकाकरण में शामिल की जा चुकी है। ऐसे में निमोकोकल वैक्सीन को भी कार्यक्रम में जोड़ने से अब बच्चों की सेहत के लिए बड़ा सुरक्षा कवच होगा।
क्या है निमोकोकल वैक्सीन
स्टेप्टोकोकस निमोन नामक बैक्टीरिया से निमोनिया हो जाता है। इससे फेफड़े में संक्रमण होता है। ये 80 से ज्यादा प्रकार के बैक्टीरिया हो सकते हैं। सांस फूलना, मिचली, दिमाग में दर्द, बेहोशी, शरीर में ऑक्सीजन की तेजी से कमी होती है। फेफड़ों में सफेदी आने के साथ मौत भी हो सकती है। वैक्सीन इसी बैक्टीरिया से रक्षा करेगी।