सीएमओ कार्यालय के सभागार में आयोजित ट्रेनिंग में मौजूद शिक्षक।
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फिरोजाबाद। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में कक्षा आठ से 12 तक की क्लास में ‘मनदूत व मनपरी’ बनाए जाएंगे। प्रत्येक कक्षा के एक छात्र को मनदूत व छात्रा को मनपरी बनाया जाएगा। इन दोनों को जिला मानसिक स्वास्थ्य कमेटी के सदस्य प्रशिक्षित करेंगे। ताकि कक्षा में साथियों को तनाव से उबारा जा सके। बुधवार को इस संबंध में सीएमओ कार्यालय में शिक्षकों की ट्रेनिंग कराई गई।
ट्रेनिंग में स्कूल स्तर पर बनाए गए नोडल को प्रशिक्षित किया गया। मनोरोग चिकित्सक डॉ. अमर प्रीत सिंह ने कहा कि तकरीबन सात प्रतिशत आबादी किसी न किसी तरह की मानसिक बीमारी की चपेट में है। इनमें तीन प्रतिशत बच्चे भी शामिल हैं। इसकी बड़ी वजह एकल परिवार हैं। कई बच्चे अकेले रहने से घबरा जाते हैं। इसके चलते बच्चे का रास्ता बदल सकता है। वह नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। आत्महत्या जैसा कदम उठाने से भी परहेज नहीं करते।
बच्चों को इन समस्याओं से बचाने के लिए सभी स्कूलों में कक्षा आठ से 12 तक मनदूत व मनपरी बनाए जाएंगे। जिला मानसिक स्वास्थ्य समिति बच्चों की काउंसिलिंग करेंगे। जरूरत पड़ने पर इलाज मुहैया कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित ने बच्चों में बढ़ रहे तनाव पर चिंता जताई। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर, डीसीपीएम रवि कुमार आदि उपस्थित रहे। 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक रोग दिवस मनाया जाता है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने आज से इस कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है।