पुलिस लाइन में दीक्षांत परेड दिवस का आयोजन किया गया।
वर्ष 2016 बैच के आरक्षियों की ट्रेनिंग पूरी होने के साथ ही सोमवार सुबह पुलिस लाइन परिसर स्थित परेड ग्राउंड में दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने 270 जवानों को विभिन्न टोलियों में बांट दिया। परेड की सलामी लेने के बतौर मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी आगरा महेश चंद्र मिश्रा मौजूद रहे। उन्होंने आरक्षियों को कानून और अनुशासन का पाठ पढ़ाया।
डीआइजी महेश चंद्र मिश्रा ने कहा मानसिक और शारीरिक चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है। इसके माध्यम से आईपीसी और सीआरपी के बारे में जानकारी करने के साथ ही कानून के बारे में भी सिखाया जाता है। अब आप लोगों से बहुत से लोग उपेक्षा करेंगे। उनकी उपेक्षा पर हमेशा खरा उतरना। इसलिए लोगों को सुरक्षा देना, उनके अंदर से भय निकाल देना। अपराधियों पर कहर बनकर टूट जाना। वहीं एसएसपी अजय कुमार ने रिक्रूट से सिपाही बने जवानों को कार्य के प्रति शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी नेहा शर्मा, अपर जिलाधिकारी उदय सिंह, एसपी देहात विकास वैद्य, आरआई कर्ण सिंह के साथ जनपद भर के सीओ और थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
बेटों के कदम ताल देख मां-बाप की छलके आंसू
रिक्रूट से सिपाही बने जवान जिस वक्त परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस असलाहों के साथ मैदान में कतार में खड़े थे। उस वक्त उनके परिवारीजन मंच के समीप टेंट में कुर्सियों पर बैठे थे। परेड शुरू होते ही जवानों के कदम ताल किया तो माता-पिता के खुशी के आंसू छलकने लगे।
वहीं, आगरा के रायवा निवासी पन्नीलाल के तीन पुत्र हैं। बड़ा पुत्र खेती बाड़ी करता है जबकि दूसरे नंबर का पुत्र यशवीर सिंह सोमवार को पुलिस में सिपाही बन गया। परेड समाप्त होने के बाद यशवीर मैदान में खड़े पिता और भाइयों के बीच पहुंचा तो पिता के आंसू छलके उठे।
बेटे को वर्दी में देखने की तमन्ना हुई पूरी
सिपाही बने नितिन सिंह के पिता लल्लू सिंह मुरादाबाद पुलिस अकादमी में हवलदार है। बेटे की ट्रेनिंग पूरी होने पर वह भी परिवार के साथ फिरोजाबाद पुलिस लाइन पहुंचे थे। बेटे को गले लगाते हुए कहा कि बड़ा बेटा बीएसएनएल में है। छोटा अभी बीए कर रहा है। नितिन को शुरू से ही पुलिस में भर्ती कराने की तमन्ना थी।