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बर्बाद फसलः गम और गुस्से में किसान

Wed, 15 Apr 2015 11:12 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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 ओलावृष्टि और बरसात से बरबाद फसल को देख एक किसान ने छत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली तो वहीं दूसरे की हार्ट अटैक से मौत हो गई। किसानों की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
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शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव नगला बनी निवासी सतीश यादव (50) पुत्र ग्यान सिंह यादव ने करीब बीस बीघा खेत में गेहूं और आलू की खेती की गई। कोल्डस्टोरेज में जगह न मिलने के कारण आलू खेत में ही खराब हो गया, जबकि गेहूं की फसल बरसात के चलते पूरी तरह से तबाह हो गई। खेती में हुए नुकसान से आहत किसान सतीश यादव ने मंगलवार रात करीब 11 बजे छत से छलांग लगा दी। परिवारीजन उनको अस्पताल लेकर आए। वहां उनकी मौत हो गई।
दूसरी घटना सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव समोगर की है। एवरन सिंह (45) पुत्र सीताराम ने करीब 18 बीघा खेत में गेहूं की फसल की थी। इसमें से दस बीघा खेत बटाई पर लिया गया था। बरसात और ओलावृष्टि के चलते फसल बर्बाद हो चुकी थी। बुधवार शाम वह खेत से लौटकर घर पहुंचा तभी वह जमीन पर गिर पड़ा। परिवारीजन निजी चिकित्सक के यहां ले गए, वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
शिकोहाबाद निवासी किसान सतीश के तीन पुत्री और एक पुत्र हैं। बड़ी पुत्री स्वीटी और निकेता के विवाह के लिए वह लड़का देख रहे थे, लेकिन खेती में हुए नुकसान ने उनके अरमानों पानी फेर दिया। वहीं एवरन सिंह के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। एवरन सिंह की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

बर्बाद फसलों का आंकलन न करने पर हंगामा
बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के साथ किसानों ने तहसील में जमकर हंगामा किया। लेखपालों पर सर्वे न करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष बीएस गौतम के नेतृत्व में जिलाधिकारी के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। 
गौरतलब है कि लेखपालों की मनमानी और उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण मंगलवार को रसूलाबाद क्षेत्र में किसानों का गुस्सा फूटा था तो बुधवार को थाना टूंडला व नारखी क्षेत्र के किसान भड़क गए। गोथुआ, मिलक, रामपुर व शेखूपुर राजमल के किसान बर्बाद हुई फसल को लेकर तहसील पहुंच गए। शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस दोरान बहौरेलाल, खेरी सिंह, प्रेमपाल, सूरजपाल, सुभाष चंद्र, राजेंद्रपाल सिंह, महीपाल सिंह, रामपाल सिंह, सुनहरीलाल, सुरेंद्र पाल सिंह, संजय प्रताप सिंह, बालकिशन थे। वहीं गांव बाघई में किसानों ने मुआवजे की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। दर्शन सिंह, सुधीर कुमार, दिनेश कुमार, दिनेश बाबू, विपिन कुमार, बच्चू सिंह, दर्शन सिंह आदि ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

50 प्रतिशत नुकसान वाले किसानों को बैंक देंगे राहत
 बारिश एवं ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत से भी अधिक बर्बादी वाले किसानों को बैंकों की ओर से राहत प्रदान की जाएगी। आरबीआई की ओर से गाइड लाइन जारी की गई है। ऐसे किसानों को बैंक बिना अभिलेख के ऋण जारी करने का काम करेंगे। किसानों से वसूली का काम रुकेगा।
बारिश व ओलावृष्टि से जिले के 64027 किसान प्रभावित हुए हैं। गेहूं की फसल बर्बाद होने के साथ आलू व दलहन एवं सब्जियों पर भी असर दिखाई दिया। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन गांवों में सर्वे करके उसकी रिपोर्ट शासन को भेजेगा। बैंक सूत्रों की माने तो जिले के किसानों को दोबारा से खड़ा करने के लिए बैंक के द्वारा ऋण रिप्लेसमेंट करने का काम किया जाएगा। किसानों से कोई अभिलेख लिए बिना ही बैंकों के द्वारा उसे ऋण प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी। 50 प्रतिशत से अधिक हानि वाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से तैयार की जाने वाली सूची को बैंकों के द्वारा वरीयता प्रदान की जाएगी।

आरबीआई के निर्देश हैं कि जिन किसानों ने फसली ऋण लिया है। उनकी पुर्न संरचना एवं रीशेड्यूलिंग करने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे किसानों को बैंकों के द्वारा दस हजार तक का ऋण बिना किसी अभिलेख के दे सकते हैं।
सुरेंद्र कुमार, एलडीएम फीरोजाबाद।

सहकारिता विभाग किसानों को नहीं देगा कोई राहत
बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की भले ही कमर तोड़ दी है। उसकी फसलें बर्बाद हो गई हों लेकिन सहकारिता विभाग इस सबसे अपना मुंह मोढ़े हुए है। सहकारिता विभाग बकाया ऋण वसूली को किसानों के घर दस्तक देना बंद नहीं किया है। रबी की फसल में सहकारी बैंकों की ओर से 34 करोड़ 39 लाख 08 हजार का ऋण वितरण किया था। इसके सापेक्ष 14 करोड़ 42 लाख 61 हजार की वसूली की। यह कुल धनराशि का 41.95 प्रतिशत है। जबकि गत वर्ष यह वसूली 29.66 प्रतिशत ही थी। खरीफ की डिमांड 275.40 लाख के सापेक्ष विभाग ने 234.74 लाख की वसूली की। यह कुल लक्ष्य के 85.13 प्रतिशत है। एआर कोआपरेटिव मोहम्मद नईम खां ने कहा कि वसूली रोकने का कोई आदेश नहीं आया है। किसानों की हालत खराब होने कारण कहीं दबाव नहीं बनाएंगे। वसूली जारी रहेगी।

किसान आत्महत्या नहीं करें, प्रशासन उनके साथ
 डीएम विजय किरन आनंद ने विकास भवन के सभागार में किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों से अपील की वह आत्महत्या नहीं करें। शासन व प्रशासन उनके साथ है। बर्बाद फसलों का दोबारा से सर्वे होगा। कहीं कोई दिक्कत है तो सीधे डीएम कार्यालय में दस्तक दें।
विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में प्रधान संघ नारखी के अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह ने हंसराम गढ़ी में आठ बीघा का गेहूं का लॉक जलने और विद्युत विभाग के अफसरों के द्वारा नलकूपों के कनेक्शन नहीं देने के मामले को रखा। डीएम ने एक्सईएन विद्युत को फटकार लगाने के साथ एसई को पूरी रिपोर्ट लाने के निर्देश दिए। अरांव के किसान शेर सिंह यादव ने समस्या का निस्तारण नहीं होने की जानकारी दी। डीएम ने कहा जो लेखपाल गांव में भ्रमण नहीं कर रहे हैं उसकी सूचना एसडीएम को दें। खाद्य पानी, बीज आदि उपलब्ध है गेहूं क्रय केंद्रों पर सभी व्यवस्था पूर्ण करा दी हैं। अभी हाल में आंधी, वर्षा से किसानों का जो नुकसान हुआ है इसका पुन: सर्वे होगा। एसडीएम व तहसीलदार से किसान संपर्क कर सकते हैं। डीएम ने बैंक प्रबंधकों से कहा कि किसानों का शोषण न करें। जिन किसानों के द्वारा केसीसी लिए हैं वह अपने दावा प्रस्तुत करें यदि कोई बैंक प्रबंधक आना-कानी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों की मौत पर मुख्यमंत्री कोष से राहत राशि दिलाई जाएगी। मनरेगा योजना में मत्स्य पालन, खेल का मैदान, पशुपालन, सिलाई, आदि योजना से जुड़कर घर बैठे रोजगार पाने की बात कही। सीडीओ सुजीत कुमार, डीडीओ आरकेराम आदि मौजूद थे।
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