फरिहा निवासी ने झूठी आख्या देने का आरोप लगाकर जनहित याचिका दायर की थी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। नसीरपुर के गांव हरिहा में पोखर (तालाब) की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने की झूठी आख्या देने के प्रकरण में हाईकोर्ट ने पुनः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
फरिहा निवासी अविनाश गुप्ता ने झूठी आख्या देने के मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को तहसीलदार शिकोहाबाद कीर्ति चौधरी को हाईकोर्ट में तलब किया था। हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से तहसीलदार शिकोहाबाद को स्वयं शपथ पत्र द्वारा कारण बताने के लिए नोटिस जारी कर दिया था। अब इस मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायाधीश फिरोजाबाद की अध्यक्षता में अपर जिला न्यायाधीश को मौके पर जांच करने, जीपीएस फोटो एवं वीडियोग्राफी करने तथा इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इसके लिए एसएसपी को भी पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं। यह जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट ने 2 सितंबर तक मांगी है।