फिरोजाबाद। मंगलवार देर शाम को एक बंद कांच इकाई में लीकेज व आगजनी के बाद रोकी गई नेचुरल गैस की आपूर्ति बुधवार सुबह बहाल हो गई। इस दौरान करीब आठ घंटे से ज्यादा गैस सप्लाई बाधित होने से शहर की 60 से अधिक कांच इकाइयों को करीब पांच करोड़ रुपये की चपत लग गई। सुबह करीब सवा पांच बजे गैस सप्लाई बहाल होने के बाद कारखानों में दोपहर की शिफ्ट में उत्पादन प्रक्रिया पटरी पर लौटी।
चमेली बाग स्थित मेसर्स टेक्निकल ग्लास वर्क्स में उत्पादन प्रक्रिया लंबे समय से बंद है। मंगलवार की रात करीब सवा नौ बजे कारखाने की फर्नेश से सटे पाइप में नेचुरल गैस लीक होने के बाद आग लग गई। सूचना के बाद गेल व अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई। मुख्य कंट्रोल रूम से कारखानों को दी जाने वाली गैस सप्लाई रोक दी। गैस सप्लाई बाधित होते ही नगला भाऊ,बंदर वाली पुलिया और राजा का ताल स्थित 60 से अधिक कांच चूड़ी, माउथ ब्लोइंग और कांच बोतल इंडस्ट्रीज में उत्पादन का पहिया थम गया। गैस सप्लाई बाधित होने की सूचना मिलते ही कारखानेदार भी फैक्टरियों की ओर दौड़े।
कांच कारोबारियों के अनुसार आठ घंटे तक नेचुरल गैस की सप्लाई बाधित होने से कांच उद्योग जगत को करीब पांच करोड़ की चपत लगने की आशंका है।टेक्निकल ग्लास वर्क्स में गैस लीकेज एवं आगजनी के बाद गैस सप्लाई में हुई देरी कांच इंडस्ट्रीज को भारी पड़ गई। करीब आठ घंटे तक कांच इंडस्ट्रीज में उत्पादन का पहिया ठप रहा। बड़ा सवाल है कि देश की नामचीन कंपनी के कर्मचारियों मामूली घटना के बाद आठ घंटे तक मशक्कत करते रहे। सूत्रों के अनुसार गेल इंडिया का कोई बड़ा अफसर घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचा। यही नहीं बिजली सप्लाई, लीकेज तलाश को स्क्रेनिंग मशीन और कुशल स्टॉफ की कमी खली।
बड़ा सवाल है कि देश की नामचीन कंपनी के कर्मचारियों मामूली घटना के बाद आठ घंटे तक मशक्कत करते रहे। सूत्रों के अनुसार गेल इंडिया का कोई बड़ा अफसर घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचा। यही नहीं बिजली सप्लाई, लीकेज तलाश को स्क्रेनिंग मशीन और कुशल स्टॉफ की कमी खली।
सुबह सवा पांच बजे बहाल हुई गैस की आपूर्ति
मंगलवार रात करीब सवा नौ बजे नेचुरल गैस सप्लाई में कट लग गया। गेल स्टाफ ने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टेक्निकल ग्लास वर्क्स में लीकेज को दुरुस्त किया।इसके बाद सुबह सवा पांच बजे कारखानों में नेचुरल गैस की सप्लाई बहाल हुई ।
टेक्निकल ग्लास वर्क्स में लाइन लीकेज के बाद सावधानी के तौर पर गैस सप्लाई रोकी गई। फॉल्ट को सही करा दिया गया है। संसाधनों की कमी बात सही नहीं है। कार्य तकनीकी दृष्टि से कुछ मुश्किल था। इसके लिए गैस सप्लाई बहाली में देरी हुई। - मनमोहन प्रबंधक ऑपरेशन गेल इंडिया
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