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Firozabad News: रेलवे में नौकरी के नाम पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य से 7 लाख रुपये ठगे

Sun, 24 May 2026 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक
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फिरोजाबाद। रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आसफाबाद, हनुमान मंदिर के पास के रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्रपाल सिंह कुशवाह ने फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक कर्मचारी पर अपने रिश्तेदारों की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने पहले प्रभावशाली अधिकारियों से अच्छे संबंध होने की बात कहकर उनका भरोसा जीता और बाद में रुपये लौटाने के लिए दिया गया चेक भी दो बार बाउंस हो गया। मामले में थाना रसूलपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।
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पीड़ित चंद्रपाल सिंह कुशवाह के अनुसार, करीब 10-12 माह पूर्व उनके मोहल्ले में नागेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति रहने आया था, जो फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन पर कार्यरत है। वह भारत टॉकीज के पास मंदिर वाली गली में रहता था। सुबह टहलने के दौरान धीरे-धीरे उससे घरेलू संबंध हो गए। एक दिन नागेंद्र सिंह ने कहा कि उसके आरएम और डीआरएम प्रयागराज से बहुत अच्छे संबंध हैं और वह कई बच्चों की बिना परीक्षा कोटे के अधीन नौकरी लगवा चुका है। उसकी बातों में आकर अपने रिश्तेदारों सचिन कुमार व छाया निवासी ब्रह्मपुरी, जलेसर, एटा की नौकरी लगवाने की बात की। सौदा 17 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें से पांच-छह माह पहले 7 लाख रुपये एडवांस दे दिए गए और बाकी 10 लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने थे।
काम के लिए एक माह की समय-सीमा तय थी, लेकिन समय पूरा होने पर नागेंद्र सिंह टालमटोल करने लगा। कुछ महीनों बाद उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। परेशान होकर पीड़ित ने इलाका पुलिस को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा तो वह पुलिस से भी फोन पर झूठ बोलता रहा। पुलिस के समझाने पर वह पहले दो लाख देने को राजी हुआ और पांच लाख के लिए समय मांगने लगा। दोबारा समझौता होने पर उसने सात लाख रुपये का भारतीय स्टेट बैंक, शाखा सादाबाद, जिला हाथरस का एक चेक दिया, जबकि समझौते में आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान देना मना लिखा था। तय समय के अनुसार 5 मार्च को अपने केनरा बैंक खाता (आसफाबाद शाखा) में चेक लगाया, तो वह धन के अभाव में वापस आ गया। फोन करने पर नागेंद्र ने कहा कि प्लॉट का बैनामा होना था जो नहीं हो पाया, अब 15-20 दिन बाद दोबारा लगा देना। इसके बाद पीड़ित ने 6 अप्रैल को दोबारा चेक खाते में लगाया, लेकिन वह फिर से धन अभाव की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। चंद्रपाल ने बताया कि मामले में एसएसपी से गुहार लगाई। सीओ सिटी प्रवीण कुमार तिवारी के अनुसार रसूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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