पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की पुत्रवधू सारा की मौत अब फारेंसिक टीम के गले की हड्डी बनी हुई है। शासन के आदेश पर टीम ने घटनास्थल का कई दौर का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से जानकारी की लेकिन गुत्थी सुलझती नहीं दिख रही। शनिवार को टीम ने हादसे का डेमो किया और घटना की परिकल्पना के आधार पर नक्शा बनाया।
सिरसागंज के गुंजन चौराहे पर नौ जुुलाई को सड़क हादसे में सारा त्रिपाठी की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में चिकित्सकों ने मौत का कारण सिर और सीने पर आई चोटों को बताया लेकिन सारा की मां ने मुकदमा लिखाकर मामले में पुलिस और अन्य ऐजेंसियों को जांच के हर पहलू पर मंथन करने को मजबूर कर दिया।
शनिवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने मौके पर दुर्घटना की परिकल्पना करने के लिए एक डिजायर कार को मौके पर मंगाया और हादसे के निशानों पर कार को खड़ा कर घटना की सच्चाई जानने का प्रयास किया।
कार की क्षतिग्रस्त डिक्की बनी है पहेली
अमनमणि की कार की डिक्की का इतनी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होना वैज्ञानिकों के लिए अनसुलझी पहेली बना हुआ है। वहीं वैज्ञानिकों की आपस में इस बात पर भी बहस हो रही थी कि यदि कार पलटी तो उसकी छत जरा भी क्षतिग्रस्त कैसे नहीं हुई। सारा की मां ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष सही बातें रखी हैं।