फिरोजाबाद/खैरगढ़। तेज बुखार और डेंगू से शहर से लेकर गांव तक लोग प्रभावित हैं। खैरगढ़ के गांव सिरमई में करीब 15 लोग तेज बुखार में जकडे़ हैं। बुधवार को सुबह तेज बुखार से एक चार वर्षीय बालक की मौत हो गई। वहीं, मच्छरों का प्रकोप थामने के लिए स्वास्थ्य विभाग पर कोई इंतजाम नहीं हैं। न कहीं फॉगिंग की जा रही है और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। शहर व गांव में जगह-जगह गंदगी फैली है।
कस्बा खैरगढ़ के गांव सिरमई में गंदगी बजबजा रही है। यहां तेज बुखार से बुधवार को एक चार वर्षीय बालक की मौत हो गई। परिवारीजन बालक की मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं। गांव के अनुज (4) पुत्र विजय सिंह को दो दिन से बुखार था। बालक को जलेसर रोड़ स्थित निजी चिकित्सक को दिखाया। परिवारजनों के मुताबिक बालक को सर्दी लगकर बुखार आ रहा था। चिकित्सक ने बालक की खून की जांच कराई।
खून का सैंपल भी ले लिया गया। रिपोर्ट आने से पूर्व ही बुधवार को सुबह अनुज की मौत हो गई। गांव में करीब 15 लोग तेज बुखार में जकडे़ हैं। लोगों को सर्दी लगने के साथ बुखार आ रहा था। हाथ, पैरों में दर्द भी महसूस कर रहे हैं। मायादेवी, रोशनी, बृजमोहन, चंद्रपाल, मनोज कुमार, राकेश, सुशीला देवी, जगदीश कुमार आदि प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज करा रहे हैं।
गांव में पसरी गंदगी, फॉगिंग कराएंगे
गांव में गंदगी का माहौल है। इससे बीमारियां फैल रही हैं। क्षेत्रीय निवासी भारत सिंह राजू ने बताया कि गांव में करीब 15 दिन से सफाईकर्मी नहीं दिखा है। नालियां भरी हुई हैं। फॉगिंग भी नहीं कराई है। गांव सिरमई के प्रधान के प्रतिनिधि ओमकार शर्मा ने बताया कि सफाई प्रतिदिन कराते हैं। पूरे क्षेत्र में गंदगी नहीं है। डीपीआरओ से मिलकर फॉगिंग कराएंगे।
दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।
फॉगिंग में लापरवाही बरत रहा नगर निगम
मच्छरों का प्रकोप पूरे शहर में ज्यादा है। गंदगी वाले क्षेत्रों में भी हमेशा संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में नगर निगम फॉगिंग कराने में लापरवाही बरत रहा है। नगर निगम के इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया है कि नगर निगम में दो फॉगिंग मशीन हैं। उनसे रोस्टर के हिसाब से फॉगिंग कराई जा रही है। गांव सिरमई में बालक की मौत का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। हम जांच करा रहे हैं कि आखिर मौत किस कारण हुई है। पूरे जनपद में 10 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों और पैथोलॉजी संचालकों को निर्देशित कर दिया है कि वह डेंगू की पुष्टि होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराएं।
डॉ. एसके दीक्षित-सीएमओ