ऑनर किलिंग के मामले में दोषी पति पत्नी सहित पांच लोगों को अपर जिला जज रामपाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
एका थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर निवासी पुष्पेंद्र दूध का काम करता था। पुष्पेंद्र के प्रेम संबंध राजपुर निवासी दिनेश की पुत्री संगीता से हो गए थे। संगीता के पिता दिनेश को जानकारी हुई तो उसने परिवारीजनों के साथ दोनों की हत्या करने की प्लानिंग की। 18 जून 2012 को पुष्पेंद्र दिनेश के यहां दूध देने गया था। तभी दिनेश ने अपनी पत्नी महारानी और परिवारीजनों के साथ पुष्पेंद्र को घर में बंधक बना लिया और देर रात पुष्पेंद्र की हत्या कर शव को कुल्हाड़ी से पांच टुकडों में काट दिया। वहीं पुत्री संगीता को खेत में जिंदा जलाकर मार दिया। पुष्पेंद्र के घर न लौटने पर उसके परिवारीजनों ने खोजबीन की लेकिन सुराग नहीं लग सका। इस पर पुष्पेंद्र के भाई अरविंद ने 19 जून को एका पुलिस को पुष्पेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई। दूसरे दिन पुष्पेंद्र के भाई अरविंद को जानकारी हुई कि दिनेश ने अपनी पत्नी और परिवारीजनों के साथ पुष्पेंद्र और पुत्री संगीता की हत्या कर दी है। संगीता को जिंदा जलाकर मारा गया है तो पुष्पेंद्र के शव के कई हिस्से करने के बाद कैलई नहर में फेंका गया है। इसकी जानकारी अरविंद ने एका पुलिस को दी। एका पुलिस ने दिनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटनाक्रम का खुलासा हो गया। दिनेश की निशानदेही पर पुष्पेंद्र के शव के टुकड़े एका पुलिस ने कैलई नहर में अलग अलग स्थानों से बरामद किया। पुष्पेंद्र के शव के टुकड़े बरामद होने के साथ ही एका पुलिस ने पुष्पेंद्र के भाई अरविंद की तहरीर पर दिनेश, सतानंद, महारानी पत्नी दिनेश, उमाशंकर और गज्जू के खिलाफ ऑनरकिलिंग का मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आरिफ खां ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज रामपाल सिंह ने सभी पांच आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।