फिरोजाबाद। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर नारखी वन रेंज में एक पेट्रोल पंप के निर्माण स्थल के पास सड़क किनारे खड़े पेड़ों को काटा गया। इस घटना ने वन विभाग के पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना बृहस्पतिवार को हुई, जब पूरा जिला पर्यावरण दिवस पर हरियाली बचाने का संकल्प लेने की तैयारी कर रहा था। पेड़ों के कटान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इन वायरल तस्वीरों ने वन विभाग के सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने आनन-फानन में जांच और कार्रवाई शुरू की। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण की आड़ में जानबूझकर इन पेड़ों को साफ किया गया है। उनका कहना है कि यह व्यावसायिक जगह को खाली करने के लिए किया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो कुछ ही घंटों में फैल गए। इससे वन विभाग की मुस्तैदी पर प्रश्नचिह्न लग गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पर्यावरण जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
वायरल वीडियो से खलबली, अब प्राथमिकी की तैयारी
हरे पेड़ों की अवैध कटाई का वीडियो जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर तैरा, वन विभाग में खलबली मच गई। विभागीय अधिकारियों ने तत्काल नारखी वन रेंज की क्षेत्रीय टीम को मौके पर रवाना किया। टीटीजेड के तहत आने वाले शहर में हरियाली के संरक्षण और संवर्धन को लेकर आगरा मंडलायुक्त का विशेष फोकस है। वन विभाग भी कागजों पर जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए पौधारोपण के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
रक्षक बने मूकदर्शक, टीटीजेड के नियमों को ठेंगा
टीटीजेड के अंतर्गत आने वाले शहर में हरियाली के संरक्षण और संवर्धन को लेकर आगरा मंडलायुक्त का विशेष फोकस है। वन विभाग भी कागजों पर जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए पौधारोपण के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
बयान
सड़क के सहारे हरे पेड़ काटे जाने की गंभीर सूचना मिली है। मामला संज्ञान में आते ही नारखी वन रेंज के अधिकारियों और टीम को स्थलीय निरीक्षण के लिए मौके पर भेजा गया। जांच में सामने आया कि किसी व्यक्ति द्वारा पेट्रोल पंप का निर्माण उक्त भूमि पर कराया जा रहा है। रिपोर्ट आते ही अवैध कटान करने वाले संबंधित व्यक्ति या ठेकेदार के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत सख्त और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- भानेंद्र सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी