फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों में जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभाने वाले शिक्षकों को हर साल राज्य अध्यापक पुरस्कार से नवाजा जाता है। इसके लिए मौजूदा शिक्षण सत्र में शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। बेहतर कार्य करने के बाद भी छात्र संख्या का रोड़ा शिक्षकों के लिए आवेदन में बाधा बन रहा है।बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक 15 फरवरी तक राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बार आवेदन के लिए प्राथमिक स्कूलों में 150, उच्च प्राथमिक स्कूलों में 105 व कंपोजिट स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन संख्या 255 होना जरूरी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 50 से अधिक ऐसे स्कूल हैं जहां छात्र-छात्राओं की संख्या राज्य अध्यापक पुरस्कार के मानकों के तहत है। वहीं, मानकों का यह रोड़ा महज छात्र संख्या तक ही सीमित नहीं है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकते हैं जो कम से कम 15 वर्ष से सेवा में हों और सेवानिवृत्त होने में कम से कम पांच वर्ष शेष हो। शिक्षकों ने बताया कि छात्र संख्या की गाइडलाइन होने की वजह से कई शिक्षक आवेदन नहीं कर पाते हैं, इसमें राहत देनी चाहिए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय ने बताया कि शिक्षक 15 फरवरी तक पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 16 फरवरी से 31 मार्च तक जिलास्तरीय चयन समितियां तीन-तीन सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेंगी। सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूलों के शिक्षकों को आवेदन की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। शासन के मानकों में बदलाव संभव नहीं है। इस बार जिले के चुनिंदा शिक्षक ही आवेदन कर सकेंगे।