फिरोजाबाद। उद्योग बंधु की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जलभराव, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर विस्तार से मंथन हुआ।
इंडस्ट्रियल एस्टेट व शहर के बाहर स्थित औद्योगिक इकाइयों में बार-बार ट्रिपिंग और अनियोजित शटडाउन की उद्यमियों द्वारा की गई शिकायत पर डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को विभाजित कर अलग से इंडस्ट्रियल फीडर स्थापित करने की योजना पर काम शुरू करें। वहीं, बरसात में जलभराव से उत्पादन ठप होने और लाखों के नुकसान पर डीएम ने जल निकासी व नाला सफाई के लिए विशेष टीमें गठित कर काम पूरा करने के आदेश दिए।
अतिक्रमण पर केवल कागजी नहीं, धरातल पर हो कार्रवाई
आकाशवाणी रोड, प्रमुख बाजारों व औद्योगिक क्षेत्रों में दुकानों के बाहर पक्के निर्माण, तख्त, ठेले और सीढ़ियों से हो रहे अतिक्रमण पर चिंता जताने पर डीएम ने नगर निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सख्त ताकीद की कि केवल कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर चालान काटने, सामान जब्त करने और स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाए।
आलू आधारित प्रसंस्करण उद्योग और बैंकों की सुस्ती
जिले में आलू की अच्छी उत्पादकता को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने तथा किसानों-उद्यमियों को जोड़ने के लिए बैठक में सीएफसी मॉडल/क्लस्टर विकास पर सहमति बनी। उद्यमियों ने आलू की गुणवत्ता सुधारने का सुझाव दिया। वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा में 1900 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 305 आवेदकों को ऋण वितरित होने पर डीएम ने बैंकर्स के उदासीन रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि खराब प्रदर्शन करने वाली बैंक शाखाओं की अलग से समीक्षा कर पेंडिंग फाइलों का तुरंत निस्तारण कराएं। बैठक में सीडीओ शत्रोहन वैश्य, अपर नगर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय, उपायुक्त उद्योग संध्या सहित तमाम अफसर व उद्यमी मौजूद रहे।