फिरोजाबाद। कई दिन से हो रही बारिश ने दलहन और तिल की फसल रोपने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने के कारण पौध के गलने की आशंका है। वहीं बारिश के मद्देनजर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा फसलीय बचाव के लिए किसानों को एडवायजरी जारी की है।
खरीफ फसल में शुमार धान की फसल के लिए कई दिनों से हो रही बारिश काफी लाभदायक रहेगी लेकिन अन्य फसलों बाजरा, तिल के अलावा दलहन की फसलों अरहर, मूंग, उड़द की बीज के लिए खेतों में भरा बारिश का पानी नुकसानदायक हो सकता है। जिला के निचले इलाकों जसराना, मदनपुर आशिंक, सिरसागंज एवं टूंडला के कृषि क्षेत्र में वर्षा जलभराव का कारण हाल ही के दिनों में रोपी गईं पौध व बीज के सड़ने अथवा गलने की आशंका बढ़ गई है। वहीं दलहन की फसल के बचाव को कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर की ओर से जरूरी एडवायजरी जारी की गई है।
जिला में दलहन की खेती वाले एरिया हेक्टेयर में
बाजरा 55 से 60 हजार हेक्टेयर
तिल 1700 हेक्टेयर
अरहर 1000 हेक्टेयर
मूंग 400 हेक्टेयर
उड़द 300 हेक्टेयर
दोमट मिट्टी एवं निचले इलाकों के किसान खेतों में बारिश का पानी जमा न होने दें। जिन किसानों ने 15 दिन अथवा इसी माह फसल रोपाई की है, उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। ज्यादा बारिश होने की स्थिति में फसलीय आकलन की आवश्यकता होगी।
-डॉ. ओमकार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं मृदा विज्ञानी
शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित-
किसानों की समस्या व उनके शिकायतों के निराकरण के लिए जिला के कृषि विभाग ने नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। दो पाली में क्रियाशील रहने वाले नियंत्रण कक्ष के फोन 05612-285550 पर कॉल की जा सकती है।
-रविकांत सिंह, जिला कृषि अधिकारी