फोटो04मृतक नानकचंद्र यादव का फाइल फोटो। परिजन स्रोत
सिरसागंज। मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के ब्रह्मपुरी घाट पर डूबे सिरसागंज के इंजीनियर नानकचंद्र यादव का शव तीन दिन बाद मिला। बृहस्पतिवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही मृतक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नगला केहरी पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। माता-पिता के इकलौते सहारे की अंतिम यात्रा देख हर आंख नम हो गई।
ग्राम नगला केहरी निवासी 27 वर्षीय नानकचंद्र यादव बीटेक करने के बाद दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। बीती 20 फरवरी को वह अपने ममेरे भाइयों निवासी जसवंत नगर, इटावा के साथ ओंकारेश्वर धाम दर्शन के लिए गए थे। 22 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे ब्रह्मपुरी घाट पर स्नान करते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। मप्र पुलिस और गोताखोरों ने बुधवार को शव बरामद किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बृहस्पतिवार तड़के शव गांव लाया गया। नानकचंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे और अभी अविवाहित थे। होनहार बेटे की मौत की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा पसर गया है। मृतक के मौसा विनोद कुमार ने रुंधे गले से बताया नानक दिल्ली में दिन-रात मेहनत कर रहा था ताकि अफसर बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सके, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।