संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद / शिकोहाबाद। ई-रजिस्ट्री और निबंधन मित्रों की तैनाती के विरोध में अधिवक्ताओं की ओर से सप्ताह में एक दिन किए जाने वाली कलमबंद आंदोलन को वापस लेने का फैसला लिया है। क्योंकि तहसीलों में रजिस्ट्री कराने के लिए काफी संख्या में लोग आ रहे हैं। बंदी के कारण आमजन का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेशचंद्र गुप्ता ने कहा कि ई-निबंधन प्रणाली के विरोध में कई दिनों तक कलमबंद आंदोलन चला था। सप्ताह में एक दिन (बृहस्पतिवार) को कलमबंद रखने का निर्णय भी लिया था। लेकिन तहसीलों में देखने में आया है कि बैनामा कराने को आने वाले लोग काफी मुश्किल का सामना कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को तहसील बार के अध्यक्ष चरण सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक दिन का कलमबंद आंदोलन भी वापस लेने का निर्णय लिया गया। सभी अधिवक्ताओं ने इसमें सहयोग का भरोसा दिया। संचालन राकेश कुमार वर्मा ने किया। इस दौरान प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, विजय प्रकाश यादव, अवधेश कुमार, वीरेंद्रपाल सिंह, अतिवीर सिंह, जयप्रकाश यादव, श्याम सिंह यादव, ज्ञान सिंह उर्फ कल्लू सहित काफी लोग मौजूद थे।
उधर, शिकोहाबाद में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में शिकोहाबाद बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को हड़ताल की। इस दौरान बैनामा का कार्य प्रभावित रहा। जिससे बैनामा कराने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अभी कुछ दिनों पहले तक बार एसो. शिकोहाबाद के पदाधिकारी ई-रजिस्ट्री व्यवस्था का विरोध करते हुए हड़ताल पर थे। इसके चलते बैनामा कराने आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शासन ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया था। बावजूद यह प्रक्रिया अमल में लाई जा रही थी। इसके चलते बार एसो. के पदाधिकारी पुनः हड़ताल पर चले गए। बार एसो. के अध्यक्ष एड. वेदप्रकाश यादव ने कहा कि जनता की परेशानियों को देखते हुए रणनीति में बदलाव किया गया था, लेकिन हड़ताल को पूर्णतः समाप्त नहीं किया गया था। इस क्रम में प्रत्येक सप्ताह बृहस्पतिवार को सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया गया है। हड़ताल करने वालों में विश्राम सिंह, अशोक कुमार यादव, शिव कुमार शर्मा, बलवीर सिंह चौहान, शिवनाथ अग्रवाल, विनोद यादव, दिनेश सिंह, योगेन्द्र यादव, कृष्णपाल, सुनील श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।