फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: अंग्रेजी-संस्कृत व गणित में उलझे गुरुजी

विज्ञापन
फोटो 15 दाऊयाल इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकलते छात्र-छात्राएं। संवाद - फोटो : Archive
विज्ञापन
फिरोजाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पहले दिन परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और चिंता दोनों के भाव नजर आए। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि हिंदी और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे, जबकि अंग्रेजी, संस्कृत, गणित और बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के प्रश्नों ने अच्छी खासी उलझन पैदा की।
विज्ञापन

यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 बृहस्पतिवार को पहला दिन था। गोपीनाथ इंटर कॉलेज, दाऊदयाल कॉलेज, एमजी कॉलेज सहित चार केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। पहली पाली में 1920 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसमें 1656 ने परीक्षा दी। शेष 264 परीक्षा से किनारा कर गए। वहीं, दूसरी पाली में पंजीकृत 1690 ने परीक्षा दी। 230 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। इटावा, एटा सहित अन्य जनपदों के परीक्षार्थी परीक्षा देने आए।
इससे पहले केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की जांच की गई। बायोमेट्रिक मिलान और रेटिना स्कैन किया गया। महिला अभ्यर्थियों की चूड़ी, पायल, हेयरपिन, सोने की चेन उतरवा दी गई। पुरुष अभ्यर्थियों के गमछे, टोपी और बेल्ट बाहर रखवा लिए गए। शर्ट के फोल्ड हैंड को खुलवाकर ही अंदर जाने दिया गया। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 12 बजे तक व दूसरी शिफ्ट में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। डीआईओएस मुदिता पांडेय ने बताया कि परीक्षा को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्रश्न पत्र के बॉक्स कलर-कोडेड किए गए हैं। उनमें वन-टाइम डिजिटल लॉक लगाए गए हैं। इन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले ही खोला गया, जिससे पेपर लीक की आशंका न रहे। प्रबंधक डा. संध्या द्विवेदी ने कंट्रोल से परीक्षा की निगरानी की।
विज्ञापन



- अंग्रेजी कमजोर होने के कारण उन्होंने द्वितीय भाषा के रूप में संस्कृत का चयन किया था, लेकिन संस्कृत के प्रश्न भी उम्मीद से अधिक कठिन आए। हालांकि हिंदी के प्रश्न सरल रहे, जिससे कुछ राहत मिली।
हरजोत सिंह, परीक्षार्थी


- बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र तथा संस्कृत के प्रश्न सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहे। वहीं हिंदी और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे।
अंकित यादव, परीक्षार्थी

- गणित, रीजनिंग और बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के प्रश्नों में सबसे अधिक समय लगा। इन विषयों में प्रश्नों का स्तर सामान्य से अधिक कठिन था।
भूपेंद्र यादव, परीक्षार्थी



व्याकरण सरल थी, लेकिन इसमें रस, छंद, साहित्य से प्रश्न नहीं आए। सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पिछले बार की अपेक्षा थोड़ा कठिन थे। इसके अलावा संस्कृत ठीक थी।
विज्ञापन

विनीत कुमार, परीक्षार्थी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें