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Firozabad News: कक्षाएं न लगीं तो डीएम से लेकर यूनिवर्सिटी तक खटखटाएंगे दरवाजा

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फोटो20शुभम मिश्रा। स्त्रोत: स्वयं - फोटो : Archive
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फिरोजाबाद। शहर के ऐतिहासिक और 86 वर्ष पुराने शासकीय सहायता प्राप्त श्री हनुमान संस्कृत महाविद्यालय में 30 जून को आखिरी शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद छात्रों की पीड़ा और आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। छात्रों ने अपने भविष्य को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उनका कहना है कि यदि शासन और प्रशासन ने जल्द ही नए शिक्षकों की तैनाती नहीं की, तो वे डीएम से लेकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी तक का दरवाजा खटखटाएंगे।
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हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां कॉलेज में अब पढ़ाने वाला एक भी सरकारी शिक्षक नहीं बचा है, वहीं दूसरी तरफ इसी संकट के बीच मंगलवार रात को घोषित हुए आचार्य (परास्नातक) के परीक्षा परिणाम ने संस्थान का नाम रोशन किया है। लेकिन इस सफलता के बाद भी छात्र अपने जूनियर साथियों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं।
चौबान मोहल्ला निवासी शुभम मिश्रा ने श्री हनुमान संस्कृत महाविद्यालय से परास्नातक (आचार्य) की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने पिछले महीने सिरसागंज के आर्य गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय केंद्र पर परीक्षा दी थी। मंगलवार रात घोषित हुए परीक्षा परिणाम में शुभम ने महाविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है। टॉपर शुभम का कहना है कि परीक्षा परिणाम से खुशी तो है, लेकिन आगे की पढ़ाई कैसे होगी, इस पर भी सवाल है।
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छात्रों का दर्द
वर्ष 2025 से यहां समकक्ष बीए (शास्त्री) के छात्र हैं। अभी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा दी है, जिसका परिणाम आना बाकी है और चार सेमेस्टर अभी शेष हैं। अगर शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं नहीं लगीं, तो सबसे पहले वे जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
- शेखर सिंह, छात्र
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इस संस्थान से पूर्व मध्यमा प्रथम से जुड़े हुए हैं। उन्हें अब तक रामप्रकाश शास्त्री पढ़ाते थे, लेकिन उनके रिटायर होने के बाद आगे की पढ़ाई कैसे होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी अभी अवकाश के चलते नहीं मिल सकी है।
- अभय प्रताप सिंह, छात्र

जून माह में शास्त्री चौथे सेमेस्टर के पेपर दिए हैं। उनके भी चार सेमेस्टर शेष हैं। कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, तो प्राचार्य ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं निरंतर चलती रहेंगी।
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- चंद्रकांत, छात्र
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