धर्मेंद्र के पिता शंभू दयाल यादव और मां का नाम कमला है। पिता एक किसान हैं। वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के भाई उपेंद्र यादव ने बताया कि चंद्रयान की लांचिंग हरिकोटा से हुई थी। चंद्रयान की निगरानी बंगलुरू से की जा रही है। इसमें धर्मेद्र वरिष्ठ वैज्ञानिक की भूमिका में निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान को लेकर पूरा देश भारतीय वैज्ञानिकों पर गर्व महसूस कर रहा है। मगर, धर्मेंद्र की भूमिका से गांव में उत्साह का माहौल बना है।
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बताया कि काफी कम उम्र में ही उनकी काबिलियत और उपलब्धियों ने उन्हें एक वरिष्ठ साइंटिस्ट बना दिया। इसके बाद देश के तमाम बड़े अंतरिक्ष मिशनों में उनकी अहम भूमिका रही। फिलहाल उनके हाथों में मिशन चंद्रयान-3 की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पर देश और दुनियाभर के करोड़ों लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं, जब भारत एक इतिहास रहेगा।
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बताया कि धर्मेंद्र ने जिले के ब्रजराज सिंह इंटर कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने मथुरा के हिंदुस्तान कॉलेज से बीटेक किया। उन्होंने जालंधर से एमटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद वह वर्ष 2011 से ISRO में वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।