सिरसागंज। क्षेत्र के थाना नगला खंगर में चकबंदी में पैमाइश के बाद जब खेत का रकबा पूरा नहीं मिला तो अंसतुष्ट किसान मोबाइल टाॅवर पर चढ़ गया। वहीं मामले की जानकारी जब पुलिस और प्रशासन को मिली तो मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसी तरह से समझा बुझाकर किसान को दो घंटे बाद टाॅवर से उतारा।
थाना नगला खंगर के ग्राम सलेमपुर करखा में 20 दिन पूर्व चकबंदी की कार्रवाई की गई थी। इसमें एक किसान प्रताप सिंह के खेतों पर भी चकबंदी की गई थी। लेकिन चकबंदी की प्रक्रिया होने के बाद जब प्रताप सिंह का खेत का रकबा कम आया तो उसने अधिकारियों से इसकी शिकायत की। लेकिन चकबंदी अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार की दोपहर प्रताप सिंह अपने गांव के मोबाइल टाॅवर पर चढ़ गया। प्रताप सिंह ने एलान कर दिया कि अगर उसके खेत का रकबा पूरा नहीं हुआ तो वह नीचे नहीं उतरेगा।
किसान के टाॅवर पर चढ़ने की सूचना पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। जहां प्रताप के टाॅवर पर काफी उंचाई पर चढ़ने की सूचना पर एसडीएम सिरसागंज सतेंद्र सिंह के साथ तहसीलदार और थाना नगला खंगर प्रभारी गिरीश कुमार भी मौके पर पहुंच गये। एसडीएम ने पूरे मामले की पड़ताल की। किसान की मांग मानते हुए चकबंदी की मेंड़ को तुड़वा दिया। वहीं मांग पूरी होने के साथ ही किसान प्रताप सिंह टाॅवर से नीचे आ गया। एसडीएम सतेंद्र सिंह ने बताया कि चकबंदी में सभी किसान की खेतों की मेंड़ में कुछ फर्क आया था, जहां प्रताप के एक साइड के किसान ने चकबंदी को मानते हुए अपनी मेंड़बंदी कर ली थी। वहीं दूसरे ओर के किसान ने अपनी मेंड़बंदी नहीं की जिसके कारण प्रताप का रकवा कम रह गया था। अब सभी मेंड़ को पुराने स्थान पर कर दिया गया है।