सिरसागंज (फिरोजाबाद)। थाना नगला खंगर क्षेत्र के गांव मढ़ई कलां में खेत पर काम करते समय सर्पदंश पीड़ित को समय पर इलाज न मिलने, परिजन के अंधविश्वास और झाड़फूंक के फेर में जान गंवानी पड़ी। शनिवार शाम हुई घटना के 24 घंटे तक परिजन, किसान को इलाज के नाम पर वायगीर बुलाकर झाड़फूंक कराते रहे। रविवार देर रात ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गांव मढ़ई कलां निवासी रामबृज (38) 15 अगस्त की शाम करीब पांच बजे अपने खेत पर काम कर रहा था। उसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। रामबृज किसी तरह अपने घर पहुंचा, लेकिन कुछ ही देर में जहर का असर होने से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन किसान को अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही झाड़फूंक करने वाले को बुलाकर उसका उपचार कराने लगे। 24 घंटे तक अचेत हालत में पड़े रामबृज का पर झाड़फूंक का कोई असर नहीं हुआ और होश में नहीं आए तो परिजन रविवार देर रात उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया।
मृतक रामबृज दो भाइयों में बड़ा था। चचेरे भाई विजेंद्र ने बताया कि रामबृज की पत्नी की करीब दो वर्ष पूर्व बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी।