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गड्ढों में ढूंढनी पड़ रही सड़क

Fri, 12 Aug 2016 11:53 PM IST
Amar Ujala
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गड्ढों में ढूंढनी पड़ रही सड़क - फोटो : Amar Ujala
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जिले की सड़कें खस्ताहाल हो गईं, कहीं सड़क पर गड्ढे नजर आ रहे हैं, लेकिन कहीं सड़क पर गड्ढे इतने अधिक हो गए हैं कि गिट्टी की समतल सड़क को गड्ढों के बीच खोजना पड़ रहा है, कही-कहीं गड्ढे इतने अधिक हो गए हैं कि सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। विकास की चुगली करती कई सड़कें तो लंबे अर्से से खराब हैं परंतु सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनता आंदोलन कर चुकी है। जाम लगा चुकी है। अधिकारियों और डीएम तक से फरियाद कर चुकी है। परंतु सड़क नहीं बनीं तो नहीं बनी। इन खस्ताहाल सड़कों से गुजरने को विवश हैं गांव के लोग। कई बार इन सड़कों से गुजरते समय दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोट खा चुके हैं। अनेक वाहन दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग, जन प्रतिनिधि, अधिकारी और प्रशासन इन सड़कों की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। आखिर इन सड़कों की सुध कब लेगा प्रशासन ...।
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रास्ता एक ....
आसफाबाद चौराहे से उसायनी तक जाने वाले करीब 15 किलोमीटर लंबे बंबा बाईपास मार्ग की हालत काफी जर्जर हो गई। शहर में नो एंट्री के समय भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। गहरे गड्ढों के कारण हिचकोले लेते भारी वाहन भी अक्सर पलट जाते हैं। इससे लंबा जाम लग जाता है। बंबा चौराहे एवं ककरऊ चौराहे के पास सड़क की स्थिति काफी जर्जर हो गई है। लेकिन विभागीय अफसरों ने गड्ढों को भरवाने तक की सुधि नहीं ली।

रास्ता नं. दो ....
शाहपुर से नारखी की ओर जाने वाले चार किलोमीटर लंबा मार्ग भी खस्ताहाल हो गया। इस मार्ग से जुड़े गांव जाखई, नगला कूंम, बिदरखा, बड़ा गांव, गढ़ी श्रीराम के वाशिंदों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। कई बार दोपहिया वाहन पलट चुके हैं। जर्जर हो चुके इस मार्ग को सुधारने की ओर जिला प्रशासन का ध्यान नहीं हैं।
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रास्ता नं. तीन .....
गौंछ के बाग से नारखी तक जाने वाला मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं, कई स्थानों पर गिट्टी ही गायब हो गई। डामर का कहीं कोई पता नहीं चलता। मार्ग पर दोपहिया वाहनों के साथ ही भारी वाहन तक पलट जाते हैं। ग्रामीण जनता मार्ग के निर्माण की मांग कई बार कर चुकी है। लेकिन उनकी मांग को अनदेखा कर दिया गया। ग्रामीणों का एक ही सवाल है क्या गहरे गड्ढों से कभी मुक्ति मिल सकेगी?

रास्ता नं. चार .....
असन से कोटला बरतरा जाने वाले 10 किलोमीटर लंबे रास्ते ने कहीं गड्ढों का रूप ले लिया है तो कहीं मिनी तालाब का। हालात यह है कि अनजान व्यक्ति तो वाहनों को रोकने तक को विवश होता है। केपी सिंह इंटर कालेज गढ़ी अफोह के  छात्र-छात्राओं को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। इस मार्ग से जुड़े गांव नगला डूंमर, नगला रूंध, गढ़ी अफोह, नया बांस, भूड़ा शेरपुर, बरतरा आदि गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रास्ता नं. पांच .....
कोटला से रतौली होते हुए ओखरा तक जाने वाले करीब 15 किलोमीटर लंबे मार्ग की हालत काफी जर्जर हो गई। हजारों की संख्या में ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य रास्ता होने के बाद भी मार्ग की हालत में सुधार नहीं किया। इस मार्ग से करीब दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े हैं।

रास्ता नं. छह .....
बछगांव से पचोखरा तक जाने वाला 14 किलोमीटर लंबा मार्ग गड्ढों में समा गया। मार्ग के निर्माण के लिए क्षेत्र की जनता ने कई बार आंदोलन किया। प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी विभाग ने कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों की मानें तो मार्ग का निर्माण कराने के लिए सड़क खोदकर मलबा फैला देने से दिक्कत बढ़ी है।
रास्ता नं. सात .....
कोटला से टूंडला तक जाने वाले रास्ते की जर्जर हालत असन तक है। इस मार्ग पर गहरे गड्ढे हो जाने के कारण गिट्टियां उखड़ गई हैं। डामर का कहीं कोई पता नहीं चलता। दोपहिया वाहन चालक तो आए दिन गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

ये सड़कें भी हैं खस्ताहाल
यह चुनिंदा मार्ग ही नहीं बल्कि एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाली सड़कों की हालत भी खराब है, रैमजा से बछगांव मार्ग, सिंहपुर जलेसर रोड मार्ग, लालई खैरगढ़ मार्ग, सांखिनी खैरगढ़, कलूपुरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। जसराना क्षेत्र के पाढ़म जाने वाले मार्ग, जसराना से नगला शादी, फरिहा से जसराना मार्ग, फरिहा से जलेसर जाने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील है। फीरोजाबाद से सोफीपुर मार्ग, फीरोजाबाद से फतेहाबाद मार्ग, मटसेना मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है।

जिले की खस्ताहाल सड़कों का पीडब्ल्यूडी, आरईएस, मंडी समिति, जिला पंचायत तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लगाकर सर्वे कराया जा रहा है। मार्गों को सुधारने के लिए सीधे शासन को डिमांड भेजी जाएगी। ताकि खराब सड़कों को बनवाया जा सके।
कर्मेंद्र सिंह,
सीडीओ, फीरोजाबाद।

बोले लोग, कागजों में हो रहा है विकास
-रैमजा निवासी सुनील बघेल का कहना है कि मार्गों पर गहरे गड्ढे मुसीबत बन गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग या फिर जनप्रतिनिधि कोई ध्यान नहीं देता है।
-रतौली निवासी गुड्डू  का कहना है कि शासन की ओर से सड़कों के सुधार के दावे अनेक बार किए जाते हैं लेकिन हकीकत में कोई विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है।
-गांगनी निवासी शिवाजी का कहना है कि विकास कार्य सिर्फ कागजों में हो रहे हैं, हकीकत तो यह सड़कें खुद ही बयां कर रहीं हैं। किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है।
-असन निवासी गोकुल सिंह कहते हैं कि हमारे गांव से जाने वाली सड़क तो कई वर्षों से नहीं बनीं, अन्य सड़कों की बात को तब करें जब हमारी सड़क बन जाए।
-गढ़ी हंसराम निवासी राजेश प्रताप सिंह बूली कहते हैं कि एक सड़क नहीं बल्कि ब्लाक की हर सड़क की हालत खराब है, शिकायत करते-करते थक गए किसी ने नहीं सुनी। गड्ढों और उखड़ी गिट्टियों के बीच चलने को लोग मजबूर हैं।
-नगला राधे निवासी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि करोड़ों रुपया सड़क सुधार के लिए आता है, लेकिन जहां जरूरत वहां नहीं लगाया जा रहा है। यही कारण है कि सड़कों की हालत खस्ता है।
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