उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जेल में नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी जेल अधीक्षक ने युवाओं से लाखों रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया है। उसके पास से नकदी और काफी मात्रा में फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
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एसएसपी सौरक्ष दीक्षित को सूचना मिली कि कोई फर्जी जेल अधीक्षक बनकर सुहागनगरी में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। उन्होंने एसपी सिटी को इसकी तह तक जाने के निर्देश दिए। इसके बाद पूरी टीम ठग की तलाश में लग गई। महज कुछ दिनों में उस जालसाल को आखिरकार पकड़ लिया।
एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 11 जून 2024 को धीरज यादव निवासी ग्राम अरसैना थाना सिकन्दरा जनपद आगरा ने सांई लॉज में फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 30 हजार रुपये की ठगी करने की शिकायत की थी। वहीं, उमाशंकर यादव निवासी ग्राम सिकहरा फिरोजाबाद ने भी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नौकरी के नाम पर 6 लाख रुपये की ठगी होने की शिकायत की।
कमल सिंह परिहार व राजकुमार को जेल में नौकरी दिलवाने और ठेकेदारी का काम दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने की शिकायत की। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक उत्तर वैभव कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आरोपी की तलाश में जुट गए।
एसपी सिटी ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना उत्तर पुलिस ने आरोपी को थाना रसूलपुर के पास बसई मौहम्मदपुर जाने वाले पुल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना नाम बृजेश कुमार मिश्रा निवासी 228 बाबा नगर सरस्वती ज्ञान कुंज स्कूल नौबस्ता कानपुर महानगर बताया है।
बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश कारागार का प्रतीक चिन्ह इस्तेमाल कर खुद को जेल अधीक्षक बताकर वरिष्ठ उच्चाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर विभिन्न जिला कारागारों के फर्जी कूट रचित दस्तावेज तैयार कर लोगो को नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी के पास से नकदी, चार बैंक चेकबुक, अधिकारियों के फोन नंबर, ई-मेल आईडी लिस्ट, कूटरचित हस्ताक्षर युक्त लिफाफे समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
उप्र कारागार का प्रतीक चिह्न करता था प्रयोग
आरोपी बृजेश इतना शातिर था कि वह उत्तर प्रदेश कारागार का प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल कर खुद को जेल अधीक्षक बताता था। कई वरिष्ठ उच्चाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर विभिन्न जिला कारागारों के कूट रचित दस्तावेज भी तैयार कर लेता था। जेल में नौकरी दिलवाने के नाम पर वह लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।
कानपुर में भी दर्ज है मुकदमा
पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाना उत्तर और थाना कल्यानपुर जनपद कानपुर महानगर में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके पास से अधिकारियों के सेल फोन नंबर व ई-मेल आईडी लिस्ट भी बरामद की है। उसके पास से अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर के कागजात मिले हैं।
प्रभारी निरीक्षक उत्तर वैभव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी जेलों में ठेका दिलाने के साथ ही कई लोगों से तरह तरह के वादे करता था। उसके एवज में एडवांस में रकम ले लेता था।