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JS University फर्जी डिग्री प्रकरण: पीएचडी समेत कई कोर्सों में फर्जीवाड़ा...सभी छात्रों की जुटाई जाएगी जानकारी

Tue, 25 Mar 2025 04:15 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

जेएस यूनिवर्सिटी में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। बीपीएड एवं डी-फार्मा में फर्जी डिग्री जारी होने का मामला पकड़ में आ चुका है तो पीएचडी के मामले की जांच चल रही है। वहीं अब यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
 
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जेएस यूनिवर्सिटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी द्वारा छात्र-छात्राओं को कोर्सों की जारी की कई डिग्री की जांच पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। अभी तक यूनिवर्सिटी की बीपीएड, डी-फार्मा, बीटेक-पॉलीटेक्निक एवं पीएचडी की डिग्रियों पर शक गहराया हुआ था। जिसमें बीपीएड एवं डी-फार्मा की डिग्री फर्जी होने का मामला पकड़ में भी आ चुका है। अब जिला प्रशासन को पीएचडी की डिग्रियों के यूनिवर्सिटी से जनरेट किये जाने की आशंका है। ऐसे में अब यूनिवर्सिटी के कोर्सों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के आंकड़े पोर्टल से जुटाए जाएंगे। इसके लिए भी तैयारियां पुलिस एवं जिला प्रशासन ने शुरु कर दी है।
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जेएस यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गईं बीपीएड की डिग्रियां राजस्थान में जयपुर एसओजी ने पकड़ीं तो वहीं गोरखपुर में आयुष डॉक्टर राजेश कुमार एवं उसके सहयोगी से पुलिस ने डी-फार्मा की फर्जी डिग्री बरामद की थी। इन दोनों ही प्रकरण में यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव, रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को जयपुर एसओजी ने तथा गोरखपुर के दलाल डॉ. राजेश कुमार एवं उसके सहयोगी को गोरखपुर पुलिस ने जेल भेजा है। इसके बाद जब जिला एवं पुलिस प्रशासन ने प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूनिवर्सिटी को अपनी जांच के दायरे में लिया, तो कई बड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे हैं।

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अब तक कुल आठ छात्रों ने यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति समेत डॉ. पीएस यादव, डॉ. गौरव यादव एवं उमेश मिश्रा तथा अन्य स्टाफ के खिलाफ भी केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस एवं जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के अन्य कोर्सों समेत पीएचडी में भी फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताई है। जांच में गड़बड़ी पाये जाने पर शासन को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

 

शिकोहाबाद के सीओ प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि हम यूनिवर्सिटी के सभी कोर्सों की सीटों की संख्या का पता कर हर वर्ष होने वाले प्रवेश की जांच कर रहे हैं। यह भी पता किया जा रहा है कि कोर्स की निर्धारित फीस कितनी है और कितनी वसूली गई है। क्या छात्र-छात्राओं को उनकी फीस की रसीद दी गई है। वहीं पोर्टल पर कितने छात्र-छात्राओं का कोर्सवार डाटा उपलब्ध है। 


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विप्रा के नोटिस की समय सीमा खत्म, आज हो सकती है कार्रवाई
जेएस यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग के नक्शे के मामले में विकास प्राधिकरण द्वारा भेजे गए नोटिस की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। आज विकास प्राधिकरण यूनिवर्सिटी की इमारत को लेकर कार्रवाई कर सकता है। इसको लेकर जिला प्रशासन की जांच समिति की सोमवार देर दोपहर तक जांच जारी रही। फर्जी डिग्री प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर डीएम रमेश रंजन ने सीडीओ शत्रोहन वैश्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। 

 

जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी की भूमि एवं उसके नक्शे और इमारत का आधा ही नक्शा विकास प्राधिकरण से पास हुआ था। इतना ही नहीं जो नक्शा पास हुआ, वह यूनिवर्सिटी का भी नहीं था, आशंका है कि उसके स्थान पर दूसरी जगह का नक्शा छात्र-छात्राओं के हॉस्टल की बिल्डिंग बताकर पास कराया गया है। इसके संकेत भी जांच समिति एवं विकास प्राधिकरण की टीम को मिले थे। विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजा था। नोटिस की समय सीमा सोमवार को पूरी हो गई। अब विकास प्राधिकरण मंगलवार को यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग को लेकर कार्रवाई कर सकता है।

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नोटिस तक सीमित रही जांच टीम की कार्रवाई
जेएस यूनिवर्सिटी मामले में डीएम की गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी की मात्र नोटिस वाली कार्रवाई को लेकर भी जनपद में चर्चाएं जोरों पर हैं।


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