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कच्चे माल-गैस के दाम बढ़ृने से उद्यमी चिंतित, बढ़ा सकते हैं उत्पादों के दाम

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फिरोजाबाद ! औद्योगिक क्षेत्र स्थित माउथ ब्लोइंग कारखाने में लेजर पर तैयार होते कांच आइटम - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। कांच इकाइयों में खपने वाली नेचुरल गैस एवं कांच भंगार के दामों में हुए हालिया इजाफे से माउथ ब्लोइंग उत्पादों एवं कांच चूड़ी के दामों में इजाफा होने की संभावना तेज हो गई है। यह संकेत माउथ ब्लोइंग कांच आइटम एवं चूड़ी उत्पादक कारखानेदारों ने दिए हैं।
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विगत माह की अवधि में कांच बनाने में प्रयुक्त मुख्य केमिकल सोडा-एस, कांच भंगार एवं नैचुरल गैस के दामों में तीन रुपये से लेकर 11 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। इससे विभिन्न किस्म के कांच उत्पादों का निर्माण करने वाले कारखानेदार एवं चूड़ी उत्पाद इकाई संचालकों की चिंता बढ़ गई है। त्योहारी सीजन के बीच कोरोना के नए वैरिएंट की आहट ने वैश्विक मंदी जैसे हालत पैदा कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगने से भी कांच उद्योग सहमा हुआ है।
ऐसे में मंदी की मार झेल रहे कांच उद्योग जगत में एक बार फिर से अघोषित बंदी जैसे हालात उत्पन्न होते दिख रहे हैं। कारखानेदारों की मानें तो कोरोना के नए वैरिएंट से सहमे देश-विदेश के कांच व चूड़ी कारोबारियों ने पुराने ऑर्डरों को रोक देने की बात कही है। इस बाबत शनिवार कांच उत्पाद तैयार करने में प्रयुक्त केमिकल, नेचुरल गैस एवं भंगार के दामों में इजाफा से उत्पन्न हालातों को लेकर कारखानेदारों की आपात बैठक गई। बैठक में कई कारखानेदारों ने माउथ ब्लोइंग उत्पादों एवं सादा चूड़ी के तौडा के दाम में छह रुपये से लेकर दस रुपये तक की बढ़ोत्तरी की बात कही है।
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-सोडा-एस की वर्तमान दर-- ---37 रुपये प्रति किलोग्राम
-नेचुरल गैस की वर्तमान दर--- 28.37 रुपये प्रति घनमीटर
-कांच भंगार की वर्तमान दर--- 9.50 रुपये प्रति किलोग्राम
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कच्चे माल एवं नेचुरल गैस के दाम में बढ़ोत्तरी के कारण सादा चूड़ी तैयार करने में लागत बढ़ेगी। थोड़े-बहुत अंतर को दूर कर सकते हैं लेकिन वर्तमान स्थिति में सादा चूड़ी का तैयार तोड़े पर तीन से छह रुपये तक की लागत बढ़ेगी। मंदी के दौर में सादा चूड़ी के दामों बढ़ोत्तरी करना कठिन निर्णय होगा। संगठन से जुडे़ लोगों से बातचीत कर रहे हैं।
बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी
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कोरोना के नए वैरिएंट की आशंका ने वैश्विक मंदी जैसे हालत हैं। कच्चे माल एवं नेचुरल गैस के दाम लगातार बढ़ने से हालात बिगड़ रहे हैं। कांच उत्पादों की लागत बढ़ने एवं पुराने ऑर्डर पूरा कराने के बीच काफी बड़ा अंतर है। इस समस्या से निपटने को औद्योगिक संगठनों की संयुक्त बैठक में विचार करेंगे।
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राजकुमार मित्तल अध्यक्ष यूपीजीएमएस
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