फर्जी चालानों के माध्यम से लाखों का गबन करने वाली फर्म एवं इसमें संलिप्त कलक्ट्रेट के लिपिक के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने एवं निलंबन के आदेश डीएम ने दिए हैं।
डीएम विजय किरन आनंद को रेलवे के कांट्रेक्टर एमके कांट्रेक्टर एवं सप्लायर्स के द्वारा जमा किए जाने वाले चालानों की जांच के आदेश एडीएम कर्मेंद्र सिंह को दिए थे। एडीएम ने ट्रेजरी के माध्यम से जांच की तो दस फर्जी चालानों के माध्यम से 31 लाख 18 हजार 820 रुपये का गबन पकड़ लिया। एडीएम ने बताया कि इस पटल पर ही तैनात लिपिक सर्वेश उपाध्याय ने सात चालानों के गलत ही नंबर चढ़ा दिए हैं। जिससे मिलान नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि लिपिक की संलिप्तता होने के कारण डीएम ने फर्म एवं लिपिक के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने तथा निलंबन की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।