फोटो21नगर निगम गेट के पास बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें। संवाद
फिरोजाबाद। राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 28 करोड़ की लागत से फिरोजाबाद का पहला स्मार्ट रोड बनाया गया। 9 करोड़ से विद्युतीकरण का कार्य कराया गया है। इसके बाद भी सुभाष तिराहा से रेलवे स्टेशन तिकोनिया तक अंधेरा रहता है। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के बीच की खींचतान के कारण परियोजना पर सवाल खड़े होने लगे है।
वर्ष 2022-23 में निर्मित इस स्मार्ट रोड की कुल परियोजना लागत 28 करोड़ रुपये थी, जिसमें लगभग नौ करोड़ रुपये विद्युतीकरण (रोशनी व्यवस्था) पर खर्च किए गए थे। स्मार्ट रोड के फुटपाथ पर लगीं अधिकांश लैम्प पोस्ट खराब या टूट गईं। सुभाष तिराहा से गांधी पार्क तक डिवाइडर पर लगाई गईं तिरंगा और स्ट्रीट लाइटें भी दिवाली के बाद से खराब पड़ी हुई हैं। विद्युतीकरण के लिए बनाए चैंबर खुले पड़े हैं, जो दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। नगर निगम के एक्सईएन (निर्माण) आशीष शुक्ला का कहना है कि स्मार्ट रोड की हस्तांतरण प्रक्रिया तकनीकी कारणों से पूरी नहीं हो पाई है। मरम्मत कार्यों की पूर्ति कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है।