फिरोजाबाद। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अधिकारी एवं कर्मचारियों ने 48 घंटे का कार्य बहिष्कार सोमवार से शुरु कर दिया। साथ ही पीएफ घोटाले को लेकर आक्रोश भी जताया।
सुबह आठ बजे से ही बिजली कर्मचारी व अभियंता बिजली घरों और दफ्तरों से काम छोड़कर निकल गए और कार्यालय पर दिन भर विरोध प्रदर्शन करते रहे। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार से सरकार न चेती तो मजबूरन शिफ्ट में कार्यरत बिजली कर्मी भी आंदोलन में सम्मिलित होने के लिए बाध्य होंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में डूबी 26 अरब रुपये की धनराशि के भुगतान की जिम्मेदारी लेकर प्रदेश सरकार को गजट नोटिफिकेशन जारी करने से रोकने में सबसे बड़ी भूमिका ऊर्जा विभाग के नौकरशाहों की है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि वे 26 अरब रुपये के भुगतान की गारंटी की मांग कर रहे हैं।
समिति ने आरोपी चेयरमैन एवं अन्य सहयोगी आईएएस अधिकारियों को बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान अधीक्षण अभियंता एके वर्मा, अधिशासी अभियंता एके पांडे, आरपी वर्मा, विश्वेन्द्र चौहान, सचिन गुप्ता, प्रेमनारायण, झब्बूलाल, राहुल सक्सेना, मनीष कुमार, खालिद अजीज, अभिषेक राठौर, विनोद कुमार, कार्यालय सहायक संजय शर्मा, मनोहर, राजकुमार, आनंद आदि उपस्थित रहे।