फिरोजाबाद। सरकारी ट्रॉमा सेंटर का असलियत शुक्रवार को देर शाम सामने आई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. योगेश रात्रि 8 बजे ट्रामा सेंटर में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। ईएमओ प्रथम रात्रि 11 बजे तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जबकि ईएमओ द्वितीय भी नौ बजे तक ड्यूटी पर नहीं आए। पूरी इमरजेंसी व्यवस्था जेआर और प्रशिक्षु चिकित्सकों के सहारे ही चलती रही। दोनों को फटकार लगाई है।
सरकारी ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे प्राचार्य डा. योगेश गोयल शुक्रवार को रात्रि 8 से 11 बजे तक ट्रामा सेंटर में रहे। इस दौरान ड्यूटी बदलने पर पुराना स्टाफ जा चुका था। रात्रि 8 बजे से ईएमओ प्रथम के रूप में डा. आरके सिंह ड्यूटी थी, लेकिन 11 बजे तक नहीं आए। इस दौरान कई मरीज इंतजार करते रहे। मैनपुरी से एक युवती का मेडिकोलीगल कराने के लिए एक कांस्टेबल आई थी, वह भी ईएमओ होने का इंतजार करती रही। ईएमओ द्वितीय डॉ. बाईपी सिंह भी नौ बजे तक ड्यूटी पर नहीं आए थे। जबकि फार्मासिस्ट ने एक ईएमओ के हस्ताक्षर कर दिए थे। इस पर फार्मासिस्ट जगदीश से कान पकड़कर माफी मंगवाई। पुन: माफ न करने की चेतावनी दी। पूरे महीने की बायोमीट्रिक अंडेंटेंस भी निकलवाई है। प्राचार्य ने शनिवार को सुबह भी ट्रॉमा सेंटर का हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से निरीक्षण किया। यहां सुबह 8 बजे के बजाय ईएमओ डॉ. शाहिद भी 10 बजे के बाद आए। प्राचार्य डा. योगेश गोयल ने बताया कि सरकारी ट्रामा सेंटर का नियमित निरीक्षण कराया जाएगा। मरीजों के साथ लापरवाही बर्दाश्त हीं होगी। इन चिकित्सकों को लापरवाही करने पर नोटिस जारी किया गया है।