फिरोजाबाद। कांच चूड़ी कारखानों में जुड़ाई श्रमिकों के कार्य बहिष्कार का असर दिखने लगा है। औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ सहित अन्य जगहों पर संचालित करीब दो दर्जन कारखानों में उत्पादन प्रक्रिया मंगलवार को भी प्रभावित रही।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिक पुनरक्षित राजाज्ञा छह मई 2021 का अनुपालन नहीं किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। मजदूर सभा का आरोप है कि कांच कारखानेदार जुड़ाई श्रमिकों को पूर्व निर्धारित 2400 सौ रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा के हिसाब से ही मेहनताना दे रहे हैं। जबकि नए शासनादेश के अनुसार जुड़ाई श्रमिकों को प्रति सैकड़ा तोड़ा जुड़ाई पर 3000 रुपये व केरोसिन के दाम अलग से दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसी मांग को लेकर गत पांच जुलाई से जुड़ाई श्रमिकों के कार्य बहिष्कार का असर अब गहराता जा रहा है। सोमवार को जहां जुड़ाई श्रमिक कारखानों में चूड़ी का उठान करने नहीं पहुंचे। मंगलवार को कारखानों में उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित रही। जुड़ाई नहीं उठने के कारण बुधवार से कई और कारखानों में उत्पादन प्रक्रिया ठप हो सकती है। लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष संजय जैन घंटू का कहना है कि डिमांड कम होने के कारण कारखानों में पहले से ही चूडी का स्टॉक है। अब जुड़ाई श्रमिक चूड़ी का उठान नहीं कर रहे। आखिर कब तक और कितना स्टॉक कारखानों में जमा किया जाएगा।