जिला अस्पताल परिसर में जर्जर पड़े सरकारी भवन में वर्षों से रह रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के अब अच्छे दिन ज्यादा दूर नहीं। जल्द ही चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को नया घर पाने का सपना पूरा हो जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए परिसर को बाउंड्री लगाकर कवर किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। सीएनडीएस जलनिगम इसका बजट बना रहा है।
सरकारी अस्पताल परिसर में चिकित्सकों एवं फार्मासिस्ट द्वारा प्रयोग में लाए जा रहे भवन सन 1952 में निर्मित किए गए थे। इन जर्जर भवनों में कर्मचारी जान जोखिम में डाल कर जीवन यापन कर रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही मांग पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। कार्यदायी संस्था ने जल निगम को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। उम्मीद है कि पुराने भवनों को तुड़वाकर स्वास्थ्य विभाग नए फ्लैट बनवाएगा। अलग-अलग प्रकार के हिसाब से फ्लैट बनाए जाएंगे। साथ ही चिकित्सकों को सुरक्षा का माहौल मिले, इसे देखकर स्वास्थ्य विभाग ने बाउंड्री के लिए भी बजट बनाकर भेज दिया है।
चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के लिए बनेंगे फ्लैट
चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के भवन भी काफी जर्जर है। वर्तमान में 34 भवन बने हुए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने 60 भवन को बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। क्योंकि कई यूनिट बन रही हैं, तो कर्मचारी भी निश्चित तौर पर बढ़ेंगे ही।
फार्मासिस्ट एवं चिकित्सकों के लिए भी
फार्मासिस्ट के लिए टाइप टू कैटेगरी के फ्लैट बनाए जाएंगे। इन फ्लैटों की संख्या तकरीबन 24 बताई गई है। शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। वहीं, उससे अलग ग्रेड में 12 क्वार्टर चिकित्साधिकारियों के लिए बनेंगे। जो टाइप टू से बेहतरीन सुविधा वाली होगी। वहीं, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के लिए चार जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकृत कर अनुमोदन के लिए विभाग को भेजा है। वहां से बजट बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
जिला अस्पताल में भवन बने हैं, बहुत पुराने हैं और जर्जर भी। अलग अलग कैटेगरी के हिसाब से भवन बनवाने के लिए शासन को भेज दिया है। कार्य भी तेजी से हो रहा है। बजट जल निगम संस्था बना रही है। अब शासन से अनुमति मिलेगी, वैसे ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
टीके गुप्ता, इंजीनियर,जिला स्वास्थ्य विभाग