ईद उल अजहा को लेकर गाइड लाइन की जानकारी देते आलम मुस्तफा याकूबी व अन्य मौलाना। संवाद
फिरोजाबाद। मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि ईद उल अजहा के मौके पर कोई भी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं करें। खुले में कुर्बानी नहीं करने के साथ वेस्टेज को हमेशा कुड़ेदान में ही डालें। इसके साथ कुर्बानी की वीडियो सोशल मीडिया पर नहीं डालें। उन्होंने युवाओं से खास सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि ईद उल अजहा 7 जून को है।नमाज सुबह छह बजे से नौ बजे तक अदा होगी। नमाज ईदगाह एव मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज वाजिब है। एक रास्ते से जाना और दूसरे रास्ते से वापस आना सुन्नत है। नमाज ईद उल अजहा पूरे जिले में सबसे पहले मस्जिद आयशा मरकज़ मदीना काॅलोनी में सुबह छह बजे होगी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी हज़रत इब्राहीम अलैह इस्लाम की सुन्नत और अल्लाह का हुक्म है। यह कोई रस्म या परंपरा नहीं है। ईदुल उल अज़हा के अवसर पर असामजिक तत्वों से सावधान रहें जो शांति और आपसी सौहार्द को खराब करने कि कोशिश करे। उसकी सूचना पुलिस को तत्काल दें। कोई कानून अपने हाथ में न लें। कुर्बानी का बदला सदका,खैरात और गरीबों की मदद या कोई दूसरा नेक काम नहीं हो सकता। कुर्बानी का गोश्त पाॅलीथिन में ना बांटे, गोश्त कागज में बांटें।
कुर्बानी प्रतिबंधित स्थान एवं प्रतिबंधित जानवरों की नहीं करें। जिस से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे, और सफाई सफाई का खास ध्यान रखें। इस दौरान मुफ़्ती नदीम अख्तर कासमी मौलाना अशरफुल हक़ कासमी,मुफ्ती शुएब क़ासमी,मुफ्ती ज़ैद,हसीन अहमद, अयाज खान आदि शामिल थे।