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जिला योजनाः 117 में मिले सिर्फ 23 करोड़

Fri, 06 Feb 2015 11:04 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
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 जिला योजना में जिले की चहुंमुखी विकास की झलक दिखाई देती है। काफी महत्वपूर्ण योजना को फाइनल करने में जिले के अफसरों के साथ विधायकों व प्रभारी मंत्री तक शिरकत करते हैं। काफी बहस एवं कई पक्षों को सुनने के बाद बजट फाइनल होता है। लेकिन महत्वपूर्ण योजना भी बजट को तरसती रहती है। वित्तीय वर्ष 2014-15 की बात करें तो जनवरी 2015 तक एक अरब 16 करोड़ 82 लाख की जिला योजना में अभी तक मात्र 22 करोड़ 98 लाख रुपया आवंटित हुआ है। शिक्षा व स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसे महत्वपूर्ण विभागों को अभी तक जिला योजना में फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना अधूरी रही। शिक्षा विभाग अपने ही कार्यक्रमों को क्रियान्वित नहीं कर सका। पेयजल सुधार को पैसा नहीं मिलने के कारण आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत झेलनी होगी।
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इन विभागों को मिला बजट
नगरीय पेयजल को 154.13 लाख, लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता 12.50 लाख, पशुपालन 61.09 लाख, वन विभाग 49.26 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 39.62 लाख, पंचायती राज विभाग 1129.50 लाख, निजी लघु सिंचाई विभाग 208.81 लाख, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग को 18 लाख, सड़क एवं पुल निर्माण को 455.90 लाख, परस्थितिकी एवं पर्यावरण को एक लाख, निर्मल भारत अभियान को 168.64 लाख धनराशि मिली है।


यह विभाग अभी तक खाली हाथ
कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, दुग्ध विकास विभाग, सहकारिता विभाग, भूमि विकास एवं जल संसाधन, रोजगार कार्यक्रम, भूमि सुधार, सामुदायिक विकास ग्राम्य विकास, राजकीय लघु सिंचाई, नेडा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, ग्रामीण पेयजल, पूल्ड आवास, ग्रामीण आवास, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ी, अल्प संख्यक, सामान्यजाति, सेवायोजन, शिल्पकार प्रशिक्षण योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग कल्याण, महिला कल्याण को कोई बजट नहीं आया।
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जिला योजना में काफी कम बजट मिला है, हमारा प्रयास होगा वित्तीय वर्ष के समापन से पूर्व अधिक से अधिक बजट आवंटित कराया जाए। समीक्षा की गई है शीघ्र ही शासन को पत्र लिखे जाएंगे। ताकि बजट मिले और विकास हो।
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सुजीत कुमार, सीडीओ फीरोजाबाद।
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