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Firozabad News: एसओजी, थाना पुलिस की कहानी में झोल, गांजा तस्करी के दो आरोपियों को मिली जमानत

Tue, 30 Sep 2025 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सांकेतिक 
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- 9 किलो गांजा बरामदगी मामले में आरोपी को मिली जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी

फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/एडीजे-7 की कोर्ट से 9 किलो गांजा बरामदगी मामले में आरोपी शिवम उर्फ भुल्ला को जमानत मिल गई है। शिवम उर्फ भुल्ला के खिलाफ थाना-उत्तर में 16 सितंबर को मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस का दावा था कि उस रात करीब 8:07 बजे पुलिस टीम गश्त कर रही थी । देर रात बैंदी की पुलिया के पास से शिवम उर्फ भुल्ला को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 9 किलो 65 ग्राम चरस पाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि वह गांजा ओडिशा से सस्ते दाम में मंगाता है और फुटकर में महंगे दाम में बेचकर अपना व परिवार का पालन-पोषण करता है।

आरोपी शिवम के अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है। शिवम 16 सितंबर को सीजेएम कोर्ट से वारंट निरस्त कराकर घर जा रहा था, तभी पुलिस द्वारा उसे दरवाजे से पकड़कर मनगढ़ंत कहानी बनाकर इस अपराध में निरुद्ध कर दिया गया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी की मां रामा देवी द्वारा जन सुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में यह दर्ज है कि पुलिस और एसओजी टीम ने उसे 16 सितंबर की शाम 4:30 बजे सीजेएम न्यायालय से घर जाते समय पकड़ा था, जो पुलिस के कहानी से मेल नहीं खाता है। गिरफ्तारी व बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं था। इन तथ्यों को देखते हुए आरोपी को कोर्ट से जमानत दे दी गई।
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गिरफ्तारी का समय विरोधाभासी, मिली जमानत

संवाद न्यूज एजेंसी

फिरोजाबाद। एनडीपीएस एक्ट कोर्ट से ही थाना रामगढ़ पुलिस द्वारा जेल भेजे गए आरोपी मंजीत कुमार को भी जमानत दी गई है। कोर्ट में बचाव पक्ष ने तर्क दिए कि पुलिस की गिरफ्तारी के संबंध में दर्शायी गई पूरी कहानी में झोल है।
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पुलिस ने मंजीत को 11 सितंबर को बाईपास के चनौरा अंडर पास के नीचे कोटला रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़ने, उसके पास से 495 ग्राम चरस पाए जाने की बात मुकदमे में लिखी थी। अभियुक्त के अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिए कि मंजीत को 11 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे सांती रोड से पूछताछ के नाम पर उठाकर थाने लाकर रात 9:30 बजे की गिरफ्तारी दिखाई गई। गिरफ्तारी व बरामदगी का कोई चश्मदीद साक्षी भी नहीं है। न्यायालय ने पत्रावली देखने पर पाया कि कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। पुलिस ने आरोपी का 4 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया है। मगर, किसी मामले में दोषसिद्ध किए जाने संबंधी आख्या प्रस्तुत नहीं की गई है। आरोपी की पत्नी द्वारा जन सुनवाई पोर्टल पर दी गई शिकायत में भी शाम 5:30 बजे सांती रोड से उठाकर बंद किए जाने की बात कही गई है, जो पुलिस की एफआईआर में दर्शाए गए घटनाक्रम से विरोधाभासी है।

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