लोहिया गांवों के विकास का अक्स कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई दे इसके लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डिजिटल डायरी बनाने के आदेश दिए हैं। प्रदेश के आला अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी लेकिन अफसर आदेश के प्रति संजीदा दिखाई नहीं देते, लोहिया गांव की डायरी अभी तक नहीं बन सकी है। सीएम की मंशा को विभागीय अधिकारी पलीता लगा रहे हैं।
समाजवादी चिंतक डा.राममनोहर लोहिया के नाम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांवों के विकास को योजनाएं शुरू कीं। करोड़ों रुपया इन गांवों के विकास को मिला। लोहिया गांव के विकास की झलक कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखे, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने लोहिया गांव की डिजिटल डायरी बनाने के आदेश सभी जिलों को दिए थे लेकिन जिले के अधिकारी डिजिटल डायरी बनाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। 13 विभागों ने वित्तीय वर्ष 2012-13 से लेकर अभी तक किसी गांव की रिपोर्ट नहीं दी। इसके कारण डिजिटल डायरी बनाने के फोटो अपलोड नहीं हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2012-13 में 20, वित्तीय वर्ष 2013-14 में 24 तथा 2014-15 में 24 गांव चयनित होने के साथ ही इनके विकास को धनराशि भी मिल चुकी है। डीएम विजय किरन आनंद ने डिजिटल डायरी बनवाने को विभागाध्यक्षों को कई रिमाइंडर भी भिजवाए लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।
इन विभागों ने नहीं दिया एक वर्ष का डाटा
पीडब्ल्यूडी विभाग ने संपर्क मार्ग, विद्युत विभाग लोहिया गांव के विद्युतीकरण, पंचायती राज विभाग के द्वारा आंतरिक गलियों में सीसी, केसी ड्रेन एवं स्वच्छ शौचालयों का निर्माण, जलनिगम के द्वारा स्वच्छ पेयजलापूर्ति करने को हैंडपंप स्थापना, ग्राम्य विकास को तालाब जीर्णोद्धार, मनरेगा, लोहिया ग्रामीण आवास, एनआरएलएम, बेसिक शिक्षा प्राथमिक स्कूल की स्थापना, उच्च प्राथमिक स्कूल के भवन का निर्माण, माध्यमिक शिक्षा विभाग के द्वारा भवन की स्थापना, नेडा द्वारा सोलर लाइट की स्थापना, राजस्व विभाग द्वारा कृषि भूमि, आवासीय भूमि, कुम्हारी कला, मछली पालन को पट्टा आवंटन, कृषि विभाग द्वारा कृषि क्रेडिट कार्ड, मृदा परीक्षण, बीज प्रतिस्थापन, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग एवं मत्स्य विभाग शामिल हैं।
इन विभागों ने उपलब्ध कराया डाटा
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने आंगनबाड़ी भवन, लघु सिंंचाई विभाग की बोरिंग, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र से कौशल विकास मिशन, सेवायोजन विभाग के द्वारा बेरोजगारी भत्ता, समाज कल्याण विभाग, प्रोबेशन, विकलांग कल्याण, पशुपालन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
विभागाध्यक्षों को दिए आधा दर्जन रिमाइंडर
लोहिया गांव की डिजिटल डायरी बनाने को विभागाध्यक्षों को आधा दर्जन रिमाइंडर भेजे। लेकिन अधिकांश विभागों ने आदेश को हवा में उड़ा दिया। यही कारण है कि जिले के लोहिया गांवों का हाल डिजिटल डायरी के पन्नों से ही गायब है। 30 जनवरी 2015 से 25 अप्रैल तक छह बार विभागों को स्मृतिपत्र भेजे गए। विभागाध्यक्षों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।
डिजिटल डायरी बनाने के लिए विभागों से कराए गए कार्य की फोटो, खर्च धनराशि का ब्योरा और गांव का हाल आदि देना है। विभागाध्यक्षों को द्वारा ध्यान नहीं देने के कारण डिजिटल डायरी नहीं बन सकी।
आरके राम, जिला विकास अधिकारी फीरोजाबाद।