मोहित लहरी को ट्रामा सेंटर में उपचार न मिलने पर निजी अस्पताल लेकर जाते परिजन। स्रोतः स्वयं
- फोटो : मोहित लहरी को ट्रामा सेंटर में उपचार न मिलने पर निजी अस्पताल लेकर जाते परिजन। स्रोतः स्वयं
फिरोजाबाद। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। परशुराम कॉलोनी निवासी मोहित लहरी को उल्टी और दस्त की शिकायत पर शनिवार रात परिजन इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मरीज को साढ़े तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन कोई उचित इलाज नहीं मिला। मोहित की भाभी राधा जिला अस्पताल में डायटिशियन के पद पर कार्यरत हैं, इसके बावजूद डॉक्टरों ने मरीज को गंभीरता से नहीं देखा। परिजनों ने बताया कि मरीज के बेड पर चादर तक नहीं थी।
मोहित के भाई सौरभ लहरी ने बताया कि उनके भाई को लगातार उल्टी और कमजोरी की शिकायत थी। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने मरीज को देखने या इलाज शुरू करने में देरी की। सौरभ ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को लापरवाही की सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, इलाज न मिलने पर मोहित को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजन ने जिला प्रशासन से ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों की कार्यशैली की उच्च स्तरीय जांच और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संवाद