ट्रामा सेंटर में बच्चे की मौत के बाद परिवारीजनों ने हंगामा कर दिया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आपातकालीन कक्ष में तोड़फोड़ की और स्टाफ से अभद्रता कर दी। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया।
थाना लाइनपार क्षेत्र के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सुनील कुमार राठौर के पांच वर्षीय पुत्र राज की रविवार रात करीब आठ बजे बुखार से हालत बिगड़ गई थी। सुनील परिवारीजनों के साथ पुत्र को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर लेकर आए। वहां उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर लिया गया। सुनील का आरोप है कि सोमवार सुबह करीब सात बजे राज की हालत बिगड़ी तो वह चिकित्सक को बुलाने के लिए स्टाफ से गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी और राज की मौत हो गई। इससे परिवारीजनों में आक्रोश फैल गया और वह आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए। स्टाफ के साथ अभद्रता करते हुए शीशे और फर्नीचर तोड़ दिया। इससे मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस के साथ ट्रामा सेंटर के अध्यक्ष पीके झिंदल भी पहुंच गए। मृतक बालक के परिवारीजनों से उनकी भी नोकझोंक हो गई। किसी तरह पुलिस ने मामले को शांत कराया।
बच्चे को जिस वक्त अस्पताल लाया गया था उस समय उसकी हालत गंभीर थी। इसकी जानकारी चिकित्सक द्वारा बच्चे के परिवारीजनों को देने के साथ ही लिखित में ले लिया गया था। बच्चे के तीमारदार द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। चिकित्सक ने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे को भर्ती किया था। अभद्रता किए जाने के बाद चिकित्सक जान बचाकर भागने को विवश हुए।
पीके झिंदल, अध्यक्ष ट्रामा सेंटर