फिरोजाबाद। जनगणना कार्य के लिए प्रगणकों को सौंपे गए नजरी नक्शों में त्रुटियां सामने आई हैं। नक्शों में कमियों के कारण प्रगणकों के लिए जमीनी स्तर पर भवनों और रिहायशी इलाकों को चिह्नित करना मुश्किल हो गया है। नगर निगम से जुड़ी 13 नई ग्राम सभाओं में जनगणना का काम बुरी तरह प्रभावित है। रहना, रैपुरा, दीदामई और ककरऊ जैसे क्षेत्रों में तो अब तक जनगणना कार्य शुरू भी नहीं हो सका है।
नगर निगम क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में जनगणना कराने के लिए 950 प्रगणक (कार्मिक), 165 सुपरवाइजर और तीन नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। पुराने और आंतरिक क्षेत्रों में तैनात प्रगणकों ने काम शुरू कर दिया है, लेकिन ग्रामीण पृष्ठभूमि से निगम में शामिल हुए नए क्षेत्रों में त्रुटिपूर्ण नक्शों ने प्रगणकों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। विभाग के नजरी नक्शे और जमीनी हकीकत में अंतर होने के कारण आबादी की सही पहचान नहीं हो पा रही है।
इन प्रमुख इलाकों में परेशानी
रहना, रैपुरा, ककरऊ, दतौजी, दीदामई, नगला भाऊ, आसफाबाद
समाधान के लिए तहसील प्रशासन से साधा संपर्क
जनगणना कार्य में हो रही देरी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। त्रुटियों को दूर करने और प्रगणकों की मदद के लिए राजस्व टीम (लेखपालों) का सहारा लिया जा रहा है।
लेखपालों की लिया जा रहा सहयोग
नजरी नक्शों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसील प्रशासन से तालमेल स्थापित किया जा रहा है। जिन प्रगणकों को नक्शे के हिसाब से जनगणना करने में समस्या आ रही है, उन क्षेत्रों में संबंधित लेखपाल को मौके पर बुलाया जा रहा है। लेखपालों के माध्यम से प्रगणकों को नक्शे और सीमाओं की पूरी जानकारी दी जा रही है। - निहाल चंद, सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी जनगणना