संदिग्ध परिस्थितियों में वृद्ध की मौत, शव कुएं में मिला
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सिरसागंज क्षेत्र में स्थित एक खेत पर लगे ट्यूबवेल पर रविवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक वृद्ध की मौत हो गई। उसका शव ट्यूबवेल के कुएं में पड़ा मिला। इस दौरान उसके चेहरे पर ईंटों के कुचलने के निशान पाए गए हैं। सोमवार को मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक के मझले बेटे ने कुएं में फिसलने के कारण गिरकर वृद्ध की मौत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोमवार को मृतक के पोते की बरात जानी थी।
थानांतर्गत ग्राम सूरजपुर रूधैनी निवासी आशाराम (70) प्रतिदिन की तरह शाम को मकान से दो किमी दूर थाना सिरसागंज क्षेत्र स्थित अपने खेत पर लगे ट्यूबवेल पर सोने गये थे। रविवार की रात को वे ट्यूबवेल की कोठरी में सोये थे। वह सोमवार की सुबह 9 बजे तक घर नहीं आए तो परिवारीजनों को चिंता हुई। वृद्ध की तलाश करते हुए उसका छोटा पुत्र रामसनेही ट्यूबवेल पर पहुंचा। कोठरी का ताला लगा होने पर उसने घर से दूसरी चाबी मंगाई। कोठरी में चारपाई पर कंबल रखा था। जूते भी रखे थे। उसने आसपास पिता की तलाश की। बोरिंग के कुआं के ऊपर रखी लकड़ी बिखरी पड़ी थीं। उसे शक हुआ झांक कर देखा तो उसे पिता कुएं में गिरे दिखाई दिये। सूचना पर परिवारीजन व ग्रामवासी आ गये। पुलिस को सूचना दी गई। सिरसागंज व शिकोहाबाद थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इस दौरान वृद्ध के चेहरे और शरीर को ईंटों से कुचलने के निशान पाए गए। वहीं कुएं पर रखीं लकड़ियों पर भी खून लगा था। इस संबंध में मझले पुत्र रामसेवक ने थाना सिरसागंज में इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें उसने बताया है कि पिता प्रतिदिन रात के समय ट्यूबवेल की कोठरी में सोते थे। रात में किसी तरह पैर फिसलने से वे बोरिंग में गिर गये, जिससे उनकी मौत हो गई।
शादी की खुशी गम में बदली
मृतक आशाराम के तीन पुत्र रामनरेश, रामसेवक व रामसनेही हैं। सबसे बड़े पुत्र रामनरेश के पुत्र आनंद की सोमवार को बरात इटावा जनपद के गांव बरौली में जानी थी। घर में खुशी का माहौल था । रिश्तेदार भी आ चुके थे लेकिन वृद्ध की मौत से परिवार में मातम छा गया।
कुछ बातें ग्रामीणों को हजम नहीं हो रहीं
ग्राम सूरजपुर रूधैनी में वृद्ध आशाराम की मौत पर ग्रामीण तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। उनके अनुसार आशाराम जिस कोठरी में सोते थे, उस कोठरी पर ताला किसने लगाया? कुएं के ऊपर लकड़ियां काफी समय से रखीं थीं। यदि वृद्ध की कुएं में गिरने से मौत हुई है तो कुएं के ऊपर रखीं लकड़ियों पर खून कहां से आया? यह जांच का विषय है कि वृद्ध की हत्या हुई या स्वाभाविक मौत थी?