रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में शुक्रवार को बहनों की भीड़ उमड़ पड़ी। अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह से ही बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। इस दाैरान सलाखों के पीछे सजा काट रहे भाइयों की कलाई पर राखी बांधते ही बहनों के आंसू छलक पड़े।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जिला कारागार फिरोजाबाद में बेहद भावुक और संवेदनशील दृश्य रहा। सलाखें भी भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह के आड़े न आ सकीं। प्रातः काल से ही जेल परिसर में रक्षाबंधन मनाने के लिए बहनों का हुजूम उमड़ पड़ा। मुलाकात का सिलसिला सुबह 8 बजे से ही शुरू हो गया था। इस दौरान कुल 1,864 बहनों ने कारागार में निरुद्ध अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की।
विज्ञापन
बहनों के साथ आए 785 मासूम बच्चे भी अपने पिता और मामा से मिलकर चहक उठे। कई मौकों पर भाई-बहन एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो गए और उनकी आंखें भर आईं। बहनों और उनके साथ आए बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जेल प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। जेल परिसर के बाहर अनुशासित व्यवस्था के लिए बैरिकेटिंग की गई थी।
आगंतुकों की सहायता के लिए अंदर और बाहर हेल्प डेस्क बनाए गए थे। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम फिरोजाबाद के समन्वय से शुद्ध पेयजल, आरओ वाटर तथा मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की गई थी। मुलाकात स्थल पर बैठने के लिए दरियों का प्रबंध किया गया था। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखी गई।