रुपयों के लिए दोस्त और करीबी बन रहे है कातिल
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जिले में पूर्व में हो चुकी है कई घटनाएं
पैसों की चाहत में दोस्त और पड़ोसी ही कालित बन रहे हैं। आदित्य की अपहरण के बाद हत्या भी इसी कड़ी की कहानी है। इस तरह के कई मामले सामने आते हैं, जहां पड़ोसी अथवा दोस्त या फिर बहुत की करीबी रिश्तेदार ने पैसों के लिए अपनों के ही गले पर चाकू चलवा दिया।
रसूलपुर थाना क्षेत्र के लालपुर रोड निवासी एक युवक ने पड़ोस में रहने वाले बच्चे का अपहरण महज एक लाख रुपये की फिरौती के लिए किया था। मामला तूल पकड़ता देख आरोपी ने बच्चे की अपने ही मकान की छत पर गला घोंटकर मार दिया। आरोपी शव को ठिकाने लगाता इससे पूर्व पुलिस ने उसको दबोच लिया। 30 मई को जैननगर निवासी कनिष्क का मकान हड़पने के लिए मोहल्ले के ही कुछ लोगों ने अपहरण कर हत्या कर शव को एत्मादपुर थाना क्षेत्र के गांव खरगापुर के जंगल में बने कुआं में फेंक दिया। चार दिन बाद पुलिस शव को बरामद कर सकी। 23 फरवरी को नारखी थाना क्षेत्र के गांव राजमल निवासी किसान का अपहरण का ताना बाना पैसों की खातिर रामगढ़ में रहने वाले उसके रिश्तेदार ने बुना था। इसका खुलासा अपहरण किंग झब्बुआ उर्फ झब्बू की गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने किया था। दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती निवासी गोपाल शर्मा का उसके ही दोस्तों ने अपहरण के बाद हत्या करा दी। शव को नगला सिंघी थाना क्षेत्र में रेलवे लाइन पर फेंक दिया। अपहरण के बाद हो रही हत्याओं के तमाम उदाहरण ऐेसे है, जहां पैसों की खातिर या तो रिश्तेदारी कालित बन जाते है या फिर दोस्त। आदित्य का अपहरण और हत्या ऐसी घटना का एक पहलू बन गया।