फिरोजाबाद। नगर निगम के वार्ड संख्या दो की पार्षद की मौत के मामले में उनके बेटे ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य एवं सीएमएस के खिलाफ थाना उत्तर पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
नगर निगम के वार्ड संख्या दो की पार्षद की पिछले दिनों 21 मई को तबियत खराब हो गई थी। उनको जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। दो दिन भर्ती के दौरान उनका कोरोना सैंपल लिया गया था। इसमें कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कोई आराम नहीं मिलने के कारण उपचार को आगरा ले गए थे। उनको प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया तो वहां उनकी कोरोना जांच की गई। आंशिक रूप से कोरोना के लक्षण पाए गए। डॉक्टर ने सलाह दी कि दोबारा से जांच करा लें। मृतका के बेटे का कहना है कि 28 मई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। दोबारा से उनकी कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिया गया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पूर्व ही डॉक्टर ने मेरी मां को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। जबकि मैने कहा था कि कोरोना की रिपोर्ट आ जाने के बाद ही भर्ती कराना, लेकिन सीएमएस ने मेरी बात को नहीं मानी। कहा कि डॉक्टर तुम हो या फिर मैं। मेरी मां को कोरोना पीड़ितों के साथ भर्ती किए जाने के कारण उनकी 30 मई को मौत हो गई। पीड़ित बेटा का कहना है कि इसमें सीएमएस, प्राचार्या एवं स्टाफ की लापरवाही के कारण मेरी मां की मौत हुई है। मेरे संज्ञान में आया है कि मेरी मां की फाइल को बदला गया है। सीएमएस ने दो जून को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दी है। इसमें भी बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई है। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की मांग की है।