फिरोजाबाद में कोर्ट ने ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही नाबालिग किशोरी का अपहरण करके दुष्कर्म करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद ने नाबालिग किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के दोषी चुल्हावली निवासी दीपक उर्फ दीपू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 22 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
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घटनाक्रम 28 फरवरी 2013 का थाना टूंडला क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने थाना पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसकी नाबालिग बेटी (किशोरी) घर से स्कूल जाने के बाद ट्यूशन पढ़कर वापस लौटने को दौरान चुल्हावली निवासी दीपक उर्फ दीपू (प्राइवेट वाहनों का चालक) अगवा करके ले गया था। परिजन ने बेटी की खोजबीन की।
आरोपी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया,उसने वादी को धमकाया कि बेटी की यदि शादी करने को तैयार हो जाओ तभी मिलवा सकता हूं। अन्यथा बेटी की जिंदगी बरबाद किए जाने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के साथ मामले की जांच प्रारंभ कर दी।
पुलिस ने विवेचना करके न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामला सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद के न्यायालय में सुनवाई को पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक अजमोद सिंह चौहान ने दोषी को सख्त सजा दिलाने को हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की दलीलों को न्यायालय के समक्ष रखा।
न्यायाधीश ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर दीपक उर्फ दीपू को दोषी मानते हुए किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 22 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।