फिरोजाबाद। एडीजे विशेष पॉक्सो मुमताज अली की कोर्ट ने एक प्रकीर्ण वाद की सुनवाई करते हुए गंभीर धाराओं के आरोपी को घटना की तिथि पर विधि का उल्लंघन करने वाला किशोर अपचारी घोषित किया है। हालांकि, कोर्ट ने उसकी शारीरिक और मानसिक क्षमता को देखते हुए उसका विचारण वयस्क के रूप में ही किए जाने का प्रावधानित आदेश दिया है।
थाना उत्तर में वर्ष 2021 में दर्ज एक नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपी के पिता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उनकी दलील थी कि हाईस्कूल अंकतालिका व एसआर रजिस्टर के अनुसार उनके पुत्र की जन्मतिथि 11-09-2007 है। इस आधार पर घटना के दिन उसकी आयु 17 वर्ष, 8 माह, 07 दिन थी, जिससे वह नाबालिग की श्रेणी में आता है। साक्ष्य के रूप में उन्होंने बच्चू सिंह इंटर कॉलेज, अभयपुरा (मलपुरा, आगरा) के प्रधानाचार्य बच्चू सिंह को भी कोर्ट में परीक्षित कराया। अदालत ने मानकों के तहत स्कूल रिकॉर्ड को सही मानते हुए आरोपी को किशोर तो घोषित कर दिया। लेकिन इसके साथ ही कोर्ट ने पाया कि आरोपी देखने पर पूरी तरह हृष्ट-पुष्ट, स्वस्थ और मानसिक रूप से अपने अपराध के परिणामों को समझने की पूरी क्षमता रखता है। कोर्ट ने कहा, यदि कोई किशोर मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो उसका विचारण वयस्क के रूप में कराया जा सकता है। कोर्ट ने इसी आधार पर प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर अपना फैसला सुनाया।