हॉटस्पाट एरिया मोहन नगर के साथ बंद किया जलेसर रोड मुख्य मार्ग
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में शनिवार को कोरोना के दस नए केस मिले। इनमें पांच लोग कलक्ट्रेट के संक्रमित कर्मचारी के संपर्क में आने से संक्रमित हुए तो तीन तीन केस हॉटस्पॉट एरिया नेहरू नगर, दुर्गेश नगर से जुडे़ हैं। जिले में अब तक संक्रमित मिले लोगों की संख्या 132 पर पहुंच गई है। इनमें से 33 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं दो लोगों की मौत हो चुकी है। अब आइसोलेशन में 95 लोग इलाज करा रहे हैं।
जिले में संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से लोग संक्रमित होते जा रहे हैं। गांधी नगर निवासी कलक्ट्रेट का कर्मचारी विगत 29 अप्रैल को संक्रमित मिला था। इसके बाद कर्मचारी के परिजनों और संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार को आई रिपोर्ट में परिवार के तीन सदस्य और एक पड़ोसी पॉजिटिव आए। वहीं गांधी नगर का एक निजी चिकित्सक भी पॉजिटिव मिला।
इस चिकित्सक ने कर्मचारी के इंजेक्शन लगाया था। रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। डीएम चंद्रविजय सिंह ने जनपद में आठ और कोरोना संक्रमित मरीजों के होने की पुष्टि की है। वहीं शनिवार को आई रिपोर्ट में शहर के नेहरू नगर, दुर्गश नगर और आकाशवाणी रोड रामगढ़ इलाके से भी एक-एक मरीज मिले हैं। मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सर्विलांस टीमें उनके संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाने में जुट गईं।
ढूंढे जा रहे चिकित्सक से इलाज कराने वाले
गांधी नगर घनी आबादी वाला मोहल्ला है। क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक को कोरोना संक्रमित मिलना स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है। अब स्वास्थ्य विभाग लॉकडाउन की अवधि में चिकित्सक से इलाज कराने वालों को ढूंढने में लगी है। गाइडलाइन के अनुसार पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच कराई जा रही है।
हॉटस्पॉट के दायरे में आया गांधी नगर
गांधी नगर काफी संकरा और घनी आबादी का क्षेत्र है। शनिवार तक क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के छह केस हो गए। शहर का यह नया इलाका भी कोरोना की दृष्टि से हॉटस्पॉट के दायरे में है। पूरे क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों ने मोहल्ले की एक-एक गली को सैनिटाइज करने की मांग की है। गांधी नगर से कुछ दूरी पर ही मोहन नगर है। इस क्षेत्र में 11 लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। यह क्षेत्र भी हॉटस्पॉट के दायरे में हैं। एक किलोमीटर के क्षेत्र में दो बडे़ इलाके कोरोना की दृष्टि से संवेदनशील बन गए हैं।