शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। इंडियन ऑयल ने गैस वितरण से जुड़े कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टर ट्रक चालकों के लिए अनुग्रह राशि योजना शुरू की है। इसके तहत जान जोखिम में डाल कर आपूर्ति कर रहे लोगों की कोरोना से मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की मदद जीवनसाथी या परिजनों को दी जाएगी। यश बाबा इंडेन गैस एजेंसी के प्रो. योगेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच एलपीजी वितरक अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों तक गैस पहुंचा रहे हैं। वितरक गैस सिलिंडर को घर-घर पहुंचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल के अस्सिटेंट मैनेजर सेल्स रोहन दलाल ने जानकारी दी है कि कंपनी ने शोरूम कर्मचारियों, गोदाम कर्मचारियों, डिलेवरी बॉय, एलपीजी मेकेनिक, रिटेल आउटलेट, कस्टमर अटेंडेंट, ट्रक चालक, ट्रांसपोर्टर आदि जो लोग गैस आपूर्ति में जोखिम उठा रहे हैं। इन सभी लोगों के भविष्य की सुरक्षा जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने यह निर्णय लिया है। कोरोना से संक्रमण से मृत्यु होने पर कंपनी की ओर से पांच लाख की अनुग्रह राशि की मदद देने का फैसला किया है। कंपनी के इस आदेश के बाद गैस वितरण क्षेत्र में लगे लोगों ने राहत की सांस ली है।
15 दिन बाद होगी फ्री सिलिंडर की दूसरी बुकिंग
कंपनी के सहायक प्रबंधक सेल्स ने बताया कि सरकार ने उज्जवला योजना में एक अप्रैल से तीस जून तक तीन सिलिंडर निशुल्क देने की घोषणा की है। एक सिलिंडर गैस के लिए एडवांस धनराशि खातों में भेज दी है। उपभोक्ता गैस की बुकिंग आईवीआरएस या पंजीकृत मोबाइल नंबर से ही करा पाएंगे। पहली बुकिंग के 15 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग की जा सकेगी। खास बात ये है यदि उपभोक्ताओं ने पहले सिलिंडर को ले लिया है तो ही दूसरे सिलिंडर की धनराशि खाते में आएगी। ऐसा ही तीसरे सिलिंडर के साथ होगा।