एक तरफ जहां प्रदेश सरकार किसानों को हर सुविधा प्रदान करने की दम भरती है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी सरकार की योजनाओं का पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। टूंडला के गांव रिजावली में टेल तक पानी नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीण चंदा एकत्रित कर जेसीबी लगाकर बंबा की सफाई करा रहे हैं। जिससे वे अपनी फसलों को समय से सींच सकें।
हाथरस-फीरोजाबाद माइनर से मंडनपुर-रैमजा रजबहा में वर्षों से सफाई न होने के कारण माइनर से रजवाह में पानी नहीं आ पाता था। इसके चलते ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की। बावजूद ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से नरेगा द्वारा रजबहा की सफाई कराने का भी प्रयास किया। ग्राम प्रधान ने भी पैसा न होने का बहाना बनाकर असमर्थता जता दी।
इसके बाद ग्रामीणों को स्वयं ही चंदा एकत्र कर रजवाह की सफाई का बीड़ा उठाना पड़ गया। शनिवार को पूर्व प्रधान अशोक सिंह जादौन क नेतृत्व में ग्रामीणों ने जेसीबी लगवा कर बंबे की सफाई कार्य को कराया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा समस्या की तरफ ध्यान न दिए जाने पर रोष जताया।
ग्रामीणों की मानें तो ग्राम प्रधान सतेंद्र पाल सिंह के खाते में मनरेगा के तहत 64 हजार रुपये आ चुका है। उसके तहत उन्होंने मनरेगा का कोई कार्य नहीं कराया है।
जब से प्रदेश में सपा की सरकार आई है तब से गांव रिजावली में विकास कार्य नहीं हुआ है। किसान बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसी सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।
पूर्व प्रधान अशोक सिंह जादौन
मंडनपुर रैमजा रजबहा की बीस साल पहले सफाई हुई थी। तब से लेकर आज तक उक्त रजबहा में सफाई नही की गई है। पानी न आने के कारण किसान खेतों की सिंचाई के लिए काफी परेशानी उठाते हैं।
राजेंद्र पाल सिंह
उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद भी सफाई नही की गई। ग्राम प्रधान ने उक्त सफाई में कोई योगदान न देने के कारण हम सब किसान चंदा कर सफाई करने को मजबूर हैं।
शीलेंद्र पाल सिंह
ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन न होने व बिजली की सप्लाई सुचारू न होने और मंडनपुर-रैमजा रजबहा की सफाई न होने के कारण सिचाई के लिए किसान हाहाकार मचा रहा है। तंग आकर किसान स्वयं ही सफाई करा रहे है।
प्रमोद सिंह जादौन
मंडनपुर-रैमजा रजबहा की सफाई के लिए मनरेगा का पैसा पांच दिन पूर्व आ चुका है। तीन दिन के अदर रजबहा पर सफाई कार्य कराया जाएगा। 28 दिसंबर की शाम को हाथरस-फीरोजाबाद माइनर में पानी छोड़ दिया जाएगा। किसान धैर्य से काम लें। सफाई कार्य तत्काल बंद करा दें।
अब्दुल लतीफ
अधिशासी अभियंता सिंचाई, फीरोजबाद,