फिरोजाबाद। सात सूत्री मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का धरना प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। एक सप्ताह से किए जा रहे धरना प्रदर्शन का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ना शुरू हो गया है। जिले में सैंपलिंग से लेकर टीकाकरण का ग्राफ नीचे गिर रहा है। वहीं कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर शासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह ने कहा कि मांगें नहीं मानी जाने तक काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रदेश कार्यकारिणी की शासन से वार्ता है। यदि मांगें नहीं मानी गई तो मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा। जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक रवि कुमार ने भी संगठन हित में स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी दी। जिला मंत्री अंशुल जैन ने कहा कि संविदा कर्मी जायज मांग कर रहे हैं। सरकार जल्द ही मांगें पूरी करे।
हड़ताल से कामकाज प्रभावित
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह प्रभावित है। कोरोना टीकाकरण से लेकर सैंपलिंग कार्य की गति धीमी हो गई है। इधर, शासन की सूचनाओं का आदान प्रदान भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
संविदा कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए समझाया जा चुका है लेकिन उनकी मांगें प्रदेश स्तरीय हैं। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं लेकिन कोई कार्य रुका नहीं है। टीकाकरण और सैंपलिंग का कार्य चल रहा है।
डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने दिया धरना
फिरोजाबाद। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने भी शनिवार को सीएमओ कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष उमेश तिवारी ने कहा कि फार्मासिस्टों को वेतनमान पद, योग्यता एवं कार्यदायित्व के अनुरूप प्रदान नहीं किया जा रहा है। इस दौरान जगदीश कुमार, मीरा बघेल, एडी शर्मा, नारायण सिंह, रविंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, सुभाष यादव, सत्येंद्र यादव, आलोक कुमार, पंकज मिश्रा आदि उपस्थित रहे।