किसानों का आंदोलन जारी, नहीं हुआ काम
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17 सितंबर को राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत धरना स्थल पर आएंगे
प्रशासन की ओर से हल की पहल नहीं करने से किसानों में आक्रोश
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने गुरुवार को जेड़ाझाल परियोजना का काम ठप रखा। किसानों के आंदोलन के कारण श्रमिक काम करने नहीं आए। भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा 17 सितंबर को राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आने पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
जेड़ाझाल परियोजना से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसानों द्वारा पिछले 21 दिनों से धरना प्रदर्शन हाथवंत ब्लाक के बाहर किया जा रहा है। गुरुवार को ललउआ के समीप डैम निर्माण का काम रोक दिया गया। जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह यादव ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के आंदोलन को हल्के में ले रहा है। किसानों की वेदना को प्रशासन ने नहीं सुना तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। उन्होंनेकहा कि 17 सितंबर को प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों के बीच आएंगे। जिला प्रशासन से वार्ता के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। राजनाथ सिहं ने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी किसानों के आंदोलन को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। इस दौरान शिशुपाल सविता, कप्तान सिंह, चरन सिंह यादव, डा. धर्मवीर शास्त्री, महेंद्र सिंह, वीरपाल सिंह, प्रभुदयाल शर्मा, अशफाक मुहम्मद, लायक सिंह शर्मा, हेमंत यादव, ध्रुवदेश शर्मा, रामगोपाल, रमेशचंद्र, मोतीलाल आदि मौजूद रहे।