होली के त्योहार पर भी मानदेय न मिलने से आक्रोशित ठेका कर्मचारियों ने नगर निगम में हंगामा काटा। नगर आयुक्त की गाड़ी रोककर नगर निगम प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। यही नहीं कुछ कर्मचारियों ने नगर निगम का मुख्य गेट भी बंद कर दिया।
नगर निगम द्वारा जनवरी माह में 400 सफाई कर्मचारियों का ठेका उठाया गया था, जिसमें ठेका कर्मचारियों को 7500 रुपये के हिसाब से मानदेय दिया जाना है। वर्तमान में ठेका कर्मचारियों दिसंबर-14, जनवरी, फरवरी का मानदेय लंबित है। ठेका कर्मचारियों द्वारा लगातार मानदेय की मांग की जा रही थी, लेकिन लेखा विभाग द्वारा समय से चेक जारी नहीं किया गया। नगर आयुक्त द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद सोमवार को चेक काटा गया।
इसके बाद भी बुधवार तक ठेका कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल सका। इससे कर्मचारियों में आक्रोश भड़क गया। बुधवार दोपहर काफी संख्या में ठेका कर्मचारी एकत्रित होकर नगर निगम जा पहुंचे। आक्रोशित कर्मचारियों ने हंगामा, नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त की गाड़ी रोक ली। कई कर्मचारी गाड़ी के आगे लेट गए। नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को समझाने का काफी प्रयास किया, कर्मचारी बिना मानदेय के कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ अधिकारी धीरे से खिसक गए। उपायुक्त प्रमोद कुमार ने आक्रोशित कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
आक्रोशित कर्मचारियों ने उछाले जूते चप्पल
कर्मचारियों में इतना आक्रोश था कि हंगामे के दौरान लेखाधिकारी के घेरकर कुछ कर्मचारियों ने जूते चप्पल हाथ में उठा लिये। वहीं कई कर्मचारी गाली गलौज करते देखे गए।